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Mathura News: बड़े कोचिंग संस्थानों को लिखित एफिडेविट पर मिलेगी राहत
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मथुरा। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अधिकारियों ने बड़ी कोचिंग संस्थानों को राहत देने का निर्णय लिया है। संचालकों को हिदायत दी गई है कि वह लिखित एफिडेविट देकर 15 दिन में अनियमितताओं को दूर कराएं। बेसमेंट कोचिंग संचालन और बायोमेट्रिक प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंधित लागू किया गया है। इस समय सीमा के भीतर सभी कोचिंग संचालकों को हर हाल में निर्धारित मानकों को पूरा करने को कहा गया है।
बृहस्पतिवार को कुछ कोचिंग संचालक अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से मिले। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि किसी कोचिंग संस्थान में कोई मेजर (बड़ी) अनियमितता पाई गई है तो उसे ठीक करने के लिए संचालक को केवल एक सप्ताह (7 दिन) का समय दिया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर बड़ी कमियों को दूर न करने वाले संस्थानों को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हर कोचिंग संस्थान में एक आपातकालीन निकास द्वार और प्रवेश द्वार भी मानक अनुरूप होना आवश्यक है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना या आगजनी के वक्त छात्र सुरक्षित बाहर निकल सकें। प्रवेश और निकास द्वारों पर बायोमेट्रिक गेट उपयोग में रोक रहेगी।
इसके अलावा, सभी बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) के पुख्ता इंतजाम करना अनिवार्य कर दिया गया है। संस्थानों को अपने परिसर में अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर सिस्टम और वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 15 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद एक विशेष टीम द्वारा दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि एफिडेविट देने के बाद भी मानकों में कमी मिली तो संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एमवीडीए सचिव आशीष सिंह ने बताया कि संचालकों को राहत देते हुए अनियमितताएं सुधारने के लिए समय दिया जाएगा।
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होटल संचालकों को नहीं मिलेगी राहत :
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्धारित समय सीमा की व्यवस्था सिर्फ कोचिंग संस्थानों के लिए लागू की जाएगी। बिना मानकों के चलने वाले होटल व गेस्ट हाउस पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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बृहस्पतिवार को कुछ कोचिंग संचालक अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से मिले। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि किसी कोचिंग संस्थान में कोई मेजर (बड़ी) अनियमितता पाई गई है तो उसे ठीक करने के लिए संचालक को केवल एक सप्ताह (7 दिन) का समय दिया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर बड़ी कमियों को दूर न करने वाले संस्थानों को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। हर कोचिंग संस्थान में एक आपातकालीन निकास द्वार और प्रवेश द्वार भी मानक अनुरूप होना आवश्यक है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना या आगजनी के वक्त छात्र सुरक्षित बाहर निकल सकें। प्रवेश और निकास द्वारों पर बायोमेट्रिक गेट उपयोग में रोक रहेगी।
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इसके अलावा, सभी बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) के पुख्ता इंतजाम करना अनिवार्य कर दिया गया है। संस्थानों को अपने परिसर में अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर सिस्टम और वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था करनी होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 15 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद एक विशेष टीम द्वारा दोबारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि एफिडेविट देने के बाद भी मानकों में कमी मिली तो संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एमवीडीए सचिव आशीष सिंह ने बताया कि संचालकों को राहत देते हुए अनियमितताएं सुधारने के लिए समय दिया जाएगा।
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होटल संचालकों को नहीं मिलेगी राहत :
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्धारित समय सीमा की व्यवस्था सिर्फ कोचिंग संस्थानों के लिए लागू की जाएगी। बिना मानकों के चलने वाले होटल व गेस्ट हाउस पर कार्रवाई जारी रहेगी।