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लठामार होली से एक दिन पहले राधारानी मंदिर में लुटाए जाते हैं लड्डू
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मथुरा। लाडली महल में लड्डू लुटाती श्रद्धालु (फाइल फोटो)।
- फोटो : MATHURA
बरसाना (मथुरा)। श्रीजी मंदिर में लठामार होली से एक दिन पहले लड्डू होली होती है। इसमे सैकड़ों क्विंटल लड्डुओं की वर्षा होती है। इस बार लड्डू होली तीन मार्च को खेली जाएगी। लाखों श्रद्धालु लड्डू होली का हिस्सा बनेंगे। इस दिन नंदभवन भी खुशियों से झूमता नजर आएगा।
लड्डू होली के पीछे बताया जाता है कि द्वापर युग में बरसाना से राधारानी की सखियां नंदगांव में कृष्ण और उनके सखाओं को होली का निमंत्रण देने गईं थीं। वहां कृष्ण और उनके सखाओं ने होली का आमंत्रण स्वीकार कर लिया। इसी खुशी में लड्डू बांटे गए। यह परंपरा आज भी निभाई जा रही है। तीन मार्च को नंदभवन में सभी लोग इकट्ठे होंगे। सखियां जो गुलाल लेकर जाएंगी उसे नंदगांव में घर-घर बांटा जाता है।
जब नंदगांव के लोग होली का आमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं तो इसकी जानकारी देने पांडा लाडली महल बरसाना पहुंचता है। होली का निमंत्रण स्वीकार होने की खुशी में बरसाना के घर-घर में जश्न मनाया जाता है। मंगलगीत गाए जाते हैं। राधारानी मंदिर में उत्साह का माहौल रहता है। हर तरफ मंगल गीत गूंजने लगते हैं। नंदगांव का पांडा बरसाने आयो रे...। और इसी खुशी में पांडा को लड्डू खिलाया जाता है और लड्डू लुटाए जाते है।
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देश भर में केवल राधा के गांव बरसाना में ही लड्डू होली खेली जाती है। इसमें राधाकृष्ण के भक्त बरसाना पहुंच कर खूब लड्डू लुटाते हैं। अब टॉफी और चॉकलेट भी लुटाई जाने लगी है।
वर्जन...
तीन मार्च की सुबह को बरसाना से सखियां होली का निमंत्रण लेकर नंदगांव जाएंगी। जब नंदभवन से निमंत्रण स्वीकार कर लेने की सूचना लेकर पांडा बरसाना पहुंचेगा तब उसी खुशी में लड्डू होली होगी।
रासबिहारी गोस्वामी, श्रीजी मंदिर के सेवायत
लठामार होली खेलने के न्यौते का वर्ष भर इंतजार रहता है। इंतजार की घड़ियां जल्द ही समाप्त होंगी। हुरियारे अपनी तैयारी में जुट गए हैं।
संतोष हुरियारा नंदगांव
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लड्डू होली के पीछे बताया जाता है कि द्वापर युग में बरसाना से राधारानी की सखियां नंदगांव में कृष्ण और उनके सखाओं को होली का निमंत्रण देने गईं थीं। वहां कृष्ण और उनके सखाओं ने होली का आमंत्रण स्वीकार कर लिया। इसी खुशी में लड्डू बांटे गए। यह परंपरा आज भी निभाई जा रही है। तीन मार्च को नंदभवन में सभी लोग इकट्ठे होंगे। सखियां जो गुलाल लेकर जाएंगी उसे नंदगांव में घर-घर बांटा जाता है।
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जब नंदगांव के लोग होली का आमंत्रण स्वीकार कर लेते हैं तो इसकी जानकारी देने पांडा लाडली महल बरसाना पहुंचता है। होली का निमंत्रण स्वीकार होने की खुशी में बरसाना के घर-घर में जश्न मनाया जाता है। मंगलगीत गाए जाते हैं। राधारानी मंदिर में उत्साह का माहौल रहता है। हर तरफ मंगल गीत गूंजने लगते हैं। नंदगांव का पांडा बरसाने आयो रे...। और इसी खुशी में पांडा को लड्डू खिलाया जाता है और लड्डू लुटाए जाते है।
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देश भर में केवल राधा के गांव बरसाना में ही लड्डू होली खेली जाती है। इसमें राधाकृष्ण के भक्त बरसाना पहुंच कर खूब लड्डू लुटाते हैं। अब टॉफी और चॉकलेट भी लुटाई जाने लगी है।
वर्जन...
तीन मार्च की सुबह को बरसाना से सखियां होली का निमंत्रण लेकर नंदगांव जाएंगी। जब नंदभवन से निमंत्रण स्वीकार कर लेने की सूचना लेकर पांडा बरसाना पहुंचेगा तब उसी खुशी में लड्डू होली होगी।
रासबिहारी गोस्वामी, श्रीजी मंदिर के सेवायत
लठामार होली खेलने के न्यौते का वर्ष भर इंतजार रहता है। इंतजार की घड़ियां जल्द ही समाप्त होंगी। हुरियारे अपनी तैयारी में जुट गए हैं।
संतोष हुरियारा नंदगांव