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थम नहीं रहा पैदल मजदूरों का काफिला, रोडवेज ने लगाईं 10 बसें
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मथुरा। हाईवे स्थित गोवर्धन चौराहे से अपने गंतव्य की ओर जाते लोग।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न औद्योगिक शहरों से घरों की ओर पैदल ही चल पड़े मजदूरों का काफिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को शहर की प्रमुख सड़कों पर मजदूर बच्चों सहित इधर से उधर भटकते नजर आए। किसी के सिर पर बोझ था तो कोई गोद में बच्चे को लिए ही आगे बढ़े जा रहा था। रोडवेज के नए और पुराने बस स्टैंड पर मजदूरों की भीड़ थी, लेकिन उन्हें रोडवेज बस की जानकारी देने वाला कोई नहीं था।
पिछले चार दिन पहले शुरू हुआ पैदल मजदूरों के मथुरा पहुंचने का दौर रविवार को भी थमता नजर नहीं आया। राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा से आ रहे हजारों मजदूर दिन रात सड़कों पर नजर आ रहे हैं। रविवार को नए और पुराने बस स्टैंड पर इन लोगों का हुजूम लगा हुआ था, जिनके पास पैसे नहीं थे, वे पैदल ही बच्चों को लेकर चले जा रहे थे।
हालांकि रोडवेज ने यात्रियों की संख्या के मुताबिक बरेली, लखनऊ, इटावा, आगरा, फर्रुखाबाद, अलीगढ़ के लिए 10 बसों का संचालन किया है। इसके अलावा गैर राज्यों के फंसे श्रद्धालुओं के लिए पास जारी किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया प्रशासन ने बेहद जटिल बना दी है। लोग पास के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को एक दूसरे पर टाल रहे हैं। पास जारी करने की स्थिति बेहद खराब है। रोडवेज के स्टेशन प्रभारी संतोष अग्रवाल ने बताया कि आवश्यकतानुसार रोडवेज बसों का संचालन किया गया है।
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पिछले चार दिन पहले शुरू हुआ पैदल मजदूरों के मथुरा पहुंचने का दौर रविवार को भी थमता नजर नहीं आया। राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा से आ रहे हजारों मजदूर दिन रात सड़कों पर नजर आ रहे हैं। रविवार को नए और पुराने बस स्टैंड पर इन लोगों का हुजूम लगा हुआ था, जिनके पास पैसे नहीं थे, वे पैदल ही बच्चों को लेकर चले जा रहे थे।
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हालांकि रोडवेज ने यात्रियों की संख्या के मुताबिक बरेली, लखनऊ, इटावा, आगरा, फर्रुखाबाद, अलीगढ़ के लिए 10 बसों का संचालन किया है। इसके अलावा गैर राज्यों के फंसे श्रद्धालुओं के लिए पास जारी किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया प्रशासन ने बेहद जटिल बना दी है। लोग पास के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को एक दूसरे पर टाल रहे हैं। पास जारी करने की स्थिति बेहद खराब है। रोडवेज के स्टेशन प्रभारी संतोष अग्रवाल ने बताया कि आवश्यकतानुसार रोडवेज बसों का संचालन किया गया है।
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