{"_id":"6ade5ba392c873627008f60a","slug":"krishna-city-yearning-for-development-mathura-news-c-369-1-mt11009-154865-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: विकास के लिए तरस रही कृष्णनगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: विकास के लिए तरस रही कृष्णनगरी
विज्ञापन
मथुरा। नगर निगम से महापौर विनोद अग्रवाल की दूरी का असर अब विकास कार्यों पर दिखने लगा है। निगम की बोर्ड बैठक न होने से वार्ड-33 में मेजर ध्यानचंद मार्ग पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के लिए बनाए गए पांच करोड़ का प्रस्ताव अधर में लटक गया है। मार्ग निर्माण व जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
वार्ड-33 में 1300 मीटर लंबे मेजर ध्यानचंद मार्ग का निर्माण वर्ष 2017 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कराया था। इसके बाद मथुरा-वृंदावन नगर निगम का गठन हुआ तो यह मार्ग वार्ड-33 के अंतर्गत आ गया। इस दौरान मार्ग के आसपास कई नई कॉलोनियां विकसित हो गईं। इन कॉलोनियों से निकलने वाले पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी इसी मार्ग पर जमा होने लगा। स्थानीय पार्षद अभिजीत चौधरी ने जलनिकासी के लिए नाले और मार्ग निर्माण का पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कराकर अधिकारियों को सौंपा था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी। करीब एक माह पहले स्थानीय लोगों ने समस्या को लेकर विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मौके पर पहुंचकर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया गया कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही वहां पर एक पंप सेट लगाकर जलनिकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की कराई गई।हालांकि, पिछले तीन माह से महापौर विनोद अग्रवाल ने नगर निगम से दूरी बना रखी है। इससे बोर्ड बैठक होने पर संकट गहरा गया है।
--
क्या बोले, स्थानीय लोग
कई सालों से मेजर ध्यानचंद मार्ग पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। 20 से 25 कॉलोनियों का पानी इसी मार्ग पर जमा होता है। -वीरेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
कई बार अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण किया और आश्वासन दिया, लेकिन पानी निकासी का काम शुरू नहीं हो सका है। -राम सिंह, स्थानीय निवासी
--
लगभग पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। आगामी दिनों में बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पास कराया जाएगा। -अभिजीत चौधरी, पार्षद
--
बोर्ड बैठक कराने के लिए भी शासन से पत्राचार किया गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। -ओजस्वी राज, नगर आयुक्त
विज्ञापन
वार्ड-33 में 1300 मीटर लंबे मेजर ध्यानचंद मार्ग का निर्माण वर्ष 2017 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कराया था। इसके बाद मथुरा-वृंदावन नगर निगम का गठन हुआ तो यह मार्ग वार्ड-33 के अंतर्गत आ गया। इस दौरान मार्ग के आसपास कई नई कॉलोनियां विकसित हो गईं। इन कॉलोनियों से निकलने वाले पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी इसी मार्ग पर जमा होने लगा। स्थानीय पार्षद अभिजीत चौधरी ने जलनिकासी के लिए नाले और मार्ग निर्माण का पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कराकर अधिकारियों को सौंपा था, लेकिन प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी। करीब एक माह पहले स्थानीय लोगों ने समस्या को लेकर विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने मौके पर पहुंचकर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया गया कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही वहां पर एक पंप सेट लगाकर जलनिकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की कराई गई।हालांकि, पिछले तीन माह से महापौर विनोद अग्रवाल ने नगर निगम से दूरी बना रखी है। इससे बोर्ड बैठक होने पर संकट गहरा गया है।
विज्ञापन
क्या बोले, स्थानीय लोग
कई सालों से मेजर ध्यानचंद मार्ग पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। 20 से 25 कॉलोनियों का पानी इसी मार्ग पर जमा होता है। -वीरेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
कई बार अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण किया और आश्वासन दिया, लेकिन पानी निकासी का काम शुरू नहीं हो सका है। -राम सिंह, स्थानीय निवासी
लगभग पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। आगामी दिनों में बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पास कराया जाएगा। -अभिजीत चौधरी, पार्षद
बोर्ड बैठक कराने के लिए भी शासन से पत्राचार किया गया है। अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। -ओजस्वी राज, नगर आयुक्त