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जानिए, क्यों समय पर नहीं मिल पाती यमुना एक्सप्रेस पर मदद, हर बार जली जाती है कइयों की जान
Wed, 20 Feb 2019 09:03 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 20 Feb 2019 09:03 PM IST
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yamuna express way
- फोटो : फाइल फोटो
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यमुना एक्सप्रेसवे पर आपात स्थिति में मदद मिल पाना आसान नहीं है। अगर कोई हादसा हो गया तो तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाएगी इसकी गारंटी कम ही है। 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस तो कहीं दिखती ही नहीं। एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की जो अपनी पेट्रोलिंग टीमें हैं उनका पहुंचना भी उतना आसान नहीं है। कई बार देखने में आया है कि समय से उपचार न मिल पाने के कारण भी गंभीर रूप से घायल लोगों की मौत हो जाती है।
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आगरा से नोएडा तक का एक्सप्रेसवे चार जिलों की सीमा में आता है। आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा। अगर कागजों की बात की जाए तो इन सभी जिलों के संबंधित थानों की फोर्स एक्सप्रेसवे पर चौबीस घंटे तैनात रहती है, लेकिन हकीकत उनसे पूछिए जो एक्सप्रेसवे का सफर कर रहे होते हैं। टोल पर जरूर एक दो सिपाही दिख सकते हैं बाकी जगह तो कहीं खादी वर्दी वाले नजर ही नहीं आते। अब ऐसे में तत्काल मदद कैसे मिलेगी। आमतौर पर लोग किसी मुसीबत के दौरान मदद के लिए 100 नंबर पर सूचना देकर मदद मांगते हैं। लेकिन यह नंबर इतना व्यस्त रहता है कि कितनी देर में मिलेगा कुछ कहा नहीं जा सकता। यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के मेजर मनीष का कहना है कि जो आकस्मिक सेवाओं के लिए पूरा सिस्टम तैयार है उसके मुताबिक हमारी टीम दौड़ती हैं। बशर्ते सूचना समय से मिल जाए। तमाम हेल्पलाइन नंबर के बोर्ड भी लगाए गए हैं।
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शरीर की एक-एक हड्डी टूट गई थी
मंगलवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी। इनमें दो का पोस्टमार्टम आगरा हुआ। वहीं, आसमां, ताहिर, सरोज, हरी सिंह, सुहेल और साहिल का पोस्टमार्टम मथुरा में हुआ था। इन सभी के शरीर पर गहरी चोट थी। हाथ, पैर और गर्दन तक की हड्डी टूट गई थी। पसलियां भी टूटी मिली हैं। जबड़ा टूट गया था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एंबुलेंस सवार लोग सड़क पर गिर गए थे। एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। एंबुलेंस को गैस कटर से काटकर शव बाहर निकाले गए थे।
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चिकित्सा को लेकर अथॉरिटी के इंतजाम
जेबर टोल प्लाजा पर तीन एंबुलेंस
मथुरा टोल प्लाजा पर दो एंबुलेंस
आगरा टोल प्लाजा पर एक एंबुलेंस
तीनों प्लाजा पर पैरामेडिकल स्टाफ के लिए 15 लोग हैं।
मोटा टोल, लेकिन सुविधाएं हैं गोल
आगरा से नोएडा तक अगर आप कार से जा रहे हैं तो एक साइड का टोल ही 415 रुपये बैठता है। जबकि दोनों साइड का टोल 665 रुपये है। लेकिन अगर सुविधाओं की बात की जाए तो कुछ नहीं। गाड़ी खराब हो गई सुधर नहीं पाएगी। क्रेन को पहुंचने में ही एक घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग जाता है। चिकित्सा सेवाओं के नाम पर भी केवल कोरे दावे हैं। कोई हादसा हो जाए तो 165 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे पर पुलिस तो कहीं दिखती ही नहीं।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस गश्त रहती है। जहां कमी है वहां सुधारा जाएगा। कुछ टीमों को बढ़ाया भी जा रहा है। ताकि लोगों को तत्काल मदद मिल सके।