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आस्था की रोशनी से जगमगाया बाजार
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:36 PM IST
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कार्तिक महीना
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कार्तिक माह में धर्मनगरी में आस्था का आनंद छाया हुआ है। ये समाज को तो पुलकित कर रही रहा है, बाजार को भी ऊर्जा दे रहा है। पिछले काफी समय से गिरावट के दौर से गुजर रहे धर्मनगरी के बाजार में उछाल आया है। ऐसा कार्तिक माह में आए विदेशी भक्तों की खरीददारी से है।
ब्रज वृंदावन की पावन भूमि आदिकाल से ही सनातन धर्म के अनुयायी विभिन्न संप्रदायों का मुख्य केंद्र है। जिसके चलते भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु वृंदावन में एकत्रित होते हैं। कार्तिक माह में तो जगह-जगह विदेशी श्रद्धालुओं के समूह दिखाई पड़ जाएंगे।
बाजारों में विदेशी महिलाओं और पुरुषों को खरीददारी करते देखा जा सकता है। लोई बाजार, रेतिया बाजार, बनखंडी, प्रताप बाजार, शाह बिहारी मंदिर बाजार, इस्कान मार्केट, सेवाकुंज, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों के बाजार विदेशी भक्तों से भरे पड़े हैं।
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रूर निवासी नताशा, उज्बेकिस्तान निवासी सर्ज्सिया, दक्षिण अफ्रीका की इवेन स्मिथ, मैक्सिको की निकुंजवासिनी और फ्रांस की वृंदावनवासिनी ने बताया कि वह कार्तिक महोत्सव में मंदिरों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मलित होकर अपने को धन्य मानती हैं। भारत में बनी चीजों की उनके देशों में बड़ी मांग है, खासकर परिधानों की। बताया जाता है कि हर वर्ष कार्तिक माह में वृंदावन के बाजारों में विदेशी खरीददारी से करोड़ों का टर्नओवर हो जाता है।
विदेशी बालाओं की पहली पसंद गोपी ड्रैस
विदेशी महिलाओं और युवतियों में गोपी ड्रैस की भारी मांग है। लोई बाजार के व्यापारी नरेंद्र गयावालों और इस्कान मंदिर मार्केट के व्यवसायी विवेक महाजन ने बताया कि विदेशी युवतियां की पहले यही मांगती हैं। इसके साथ ही लहंगा, ओड़नी, काटन साड़ी, दक्षिण सिल्क की साड़ी उनकी पसंद में शुमार हैं। पुरुषों में सफेद, पीली धोती, पीतांबरी, कुर्ता की मांग अधिक है।
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ब्रज वृंदावन की पावन भूमि आदिकाल से ही सनातन धर्म के अनुयायी विभिन्न संप्रदायों का मुख्य केंद्र है। जिसके चलते भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु वृंदावन में एकत्रित होते हैं। कार्तिक माह में तो जगह-जगह विदेशी श्रद्धालुओं के समूह दिखाई पड़ जाएंगे।
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बाजारों में विदेशी महिलाओं और पुरुषों को खरीददारी करते देखा जा सकता है। लोई बाजार, रेतिया बाजार, बनखंडी, प्रताप बाजार, शाह बिहारी मंदिर बाजार, इस्कान मार्केट, सेवाकुंज, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों के बाजार विदेशी भक्तों से भरे पड़े हैं।
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रूर निवासी नताशा, उज्बेकिस्तान निवासी सर्ज्सिया, दक्षिण अफ्रीका की इवेन स्मिथ, मैक्सिको की निकुंजवासिनी और फ्रांस की वृंदावनवासिनी ने बताया कि वह कार्तिक महोत्सव में मंदिरों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मलित होकर अपने को धन्य मानती हैं। भारत में बनी चीजों की उनके देशों में बड़ी मांग है, खासकर परिधानों की। बताया जाता है कि हर वर्ष कार्तिक माह में वृंदावन के बाजारों में विदेशी खरीददारी से करोड़ों का टर्नओवर हो जाता है।
विदेशी बालाओं की पहली पसंद गोपी ड्रैस
विदेशी महिलाओं और युवतियों में गोपी ड्रैस की भारी मांग है। लोई बाजार के व्यापारी नरेंद्र गयावालों और इस्कान मंदिर मार्केट के व्यवसायी विवेक महाजन ने बताया कि विदेशी युवतियां की पहले यही मांगती हैं। इसके साथ ही लहंगा, ओड़नी, काटन साड़ी, दक्षिण सिल्क की साड़ी उनकी पसंद में शुमार हैं। पुरुषों में सफेद, पीली धोती, पीतांबरी, कुर्ता की मांग अधिक है।