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जयकृष्ण राणा की मौत या फिर साजिश, क्राइम ब्रांच कर रही तफ़्तीश
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मथुरा। कई राज्यों के किसान और निवेशकों का करोड़ों रुपया लेकर भूमिगत हुए कल्पतरु ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक जयकृष्ण सिंह राणा की कोरोना से मौत अब अबूझ पहेली बनती जा रही है। इस पहेली को सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच पूरी तरह से जुट गई है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर पीआर शर्मा और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र दहिया को यह जांच सौंपी गई है। जांच के बाद ही जयकृष्ण राणा की मौत या फिर साजिश का खुलासा हो सकेगा।
16 अप्रैल की शाम छह बजे नयति हॉस्पिटल में जेके सिंह(54) पुत्र दौलतराम निवासी महोली रोड के नाम से एक कोरोना संक्रमित भर्ती कराया गया। इसकी इसी दिन रात को 8.30 बजे मौत हो गई। उसके बेटे जयकरण ने शव को अपनी सुपुर्दगी में लिया। 17 अप्रैल को सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने एसपी क्राइम राधेश्याम राय को जिम्मेदारी सौंपी है। एसपी क्राइम ने इंस्पेक्टर पीआर शर्मा और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र दहिया को तफ्तीश में लगा दिया है। एसपी क्राइम ने बताया कि कई सवाल हैं, जिनके जवाब ढूंढने हैं। प्रमाण पत्रों में हर जगह जयकृष्ण राणा का उल्लेख है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती कराते वक्त जेके सिंह लिखाया गया। इसके अलावा पिता का नाम दौलत सिंह लिखाया गया है, जबकि जनपद में दर्ज मुकदमों में पिता का दौलतराम अंकित है। पता जबकि चंदनवन का है, पर हॉस्पिटल में महोली रोड दर्शाया गया है।
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तीन थानों में हैं 46 मुकदमे
करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले जयकृष्ण सिंह राणा के खिलाफ जनपद के थाना फरह, शहर कोतवाली और थाना हाइवे में 46 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मुकदमे फर्जीवाड़े के हैं। खास यह है कि मथुरा पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
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क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है जांच: गौरव
जेके सिंह या जयकृष्ण सिंह राणा एक ही थे। इसकी हकीकत से पर्दा हटाने के लिए क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी गई है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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16 अप्रैल की शाम छह बजे नयति हॉस्पिटल में जेके सिंह(54) पुत्र दौलतराम निवासी महोली रोड के नाम से एक कोरोना संक्रमित भर्ती कराया गया। इसकी इसी दिन रात को 8.30 बजे मौत हो गई। उसके बेटे जयकरण ने शव को अपनी सुपुर्दगी में लिया। 17 अप्रैल को सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने एसपी क्राइम राधेश्याम राय को जिम्मेदारी सौंपी है। एसपी क्राइम ने इंस्पेक्टर पीआर शर्मा और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र दहिया को तफ्तीश में लगा दिया है। एसपी क्राइम ने बताया कि कई सवाल हैं, जिनके जवाब ढूंढने हैं। प्रमाण पत्रों में हर जगह जयकृष्ण राणा का उल्लेख है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती कराते वक्त जेके सिंह लिखाया गया। इसके अलावा पिता का नाम दौलत सिंह लिखाया गया है, जबकि जनपद में दर्ज मुकदमों में पिता का दौलतराम अंकित है। पता जबकि चंदनवन का है, पर हॉस्पिटल में महोली रोड दर्शाया गया है।
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तीन थानों में हैं 46 मुकदमे
करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले जयकृष्ण सिंह राणा के खिलाफ जनपद के थाना फरह, शहर कोतवाली और थाना हाइवे में 46 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मुकदमे फर्जीवाड़े के हैं। खास यह है कि मथुरा पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
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क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है जांच: गौरव
जेके सिंह या जयकृष्ण सिंह राणा एक ही थे। इसकी हकीकत से पर्दा हटाने के लिए क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी गई है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी