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पुलिस अफसरों के हत्यारोपी की जेल में मौत
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:52 PM IST
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jawahar bagh
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जवाहर बाग प्रकरण में आरोपी एक बंदी की शुक्रवार की रात तबियत बिगड़ गई। उसे चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया गया कि बंदी को हार्ट अटैक पड़ा था। गौरतलब है कि दो जून को मथुरा के जवाहर बाग को कब्जा मुक्त कराने गए पुलिस के अफसरों पर कब्जाधारियों ने जानलेवा हमला किया था। इसमें दो पुलिस अफसरों समेत 29 की मौत हो गई थी। मामले में 77 आरोपी जिला कारागार में निरुद्ध हैं।
जवाहर बाग कांड में तत्कालीन एसपी (सिटी) मुकुल द्विवेदी और तत्कालीन एसओ संतोष यादव की हत्या के आरोपियों में से एक भगेलू (75) पुत्र मोहरत निवासी सुखरौली (थाना रुपनदेही), नेपाल जिला कारागार की बैरक-16 में था। शुक्रवार की रात एक बजे के करीब उसकी तबियत बिगड़ने लगी। जेल प्रशासन ने चिकित्सक डा. उपेंद्र सिंह सोलंकी को बुलवाया। हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 16 नंबर बैरक में जवाहर बाग कांड के 10 बंदी थे।
जिला कारागार अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि शुक्रवार की रात एक बजे हृदयगति रुक जाने से बंदी भगेलू की मौत हुई है। परिवारीजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को परिवारीजन ले गए।
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मृतक के पुत्र ने की तीन बार मुलाकात
जवाहर बाग कांड में आरोपी भगेलू से उसके पुत्र रामकिशोर ने पांच माह में तीन बार मुलाकात की। अंतिम बार 23 अगस्त, 2016 को रामकिशोर अपने पिता से मिलने आया था। वो उनके लिए कपड़े आदि सामान देकर जाता था।
554 की क्षमता, 1705 हैं निरुद्ध
जिला कारागार की क्षमता 554 की है, लेकिन वर्तमान में 1,705 बंदी जेल में निरुद्ध हैं। 20 बैरकों में इन सभी को समायोजित किया गया है। इससे काफी समस्या रहती है।
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जवाहर बाग कांड में तत्कालीन एसपी (सिटी) मुकुल द्विवेदी और तत्कालीन एसओ संतोष यादव की हत्या के आरोपियों में से एक भगेलू (75) पुत्र मोहरत निवासी सुखरौली (थाना रुपनदेही), नेपाल जिला कारागार की बैरक-16 में था। शुक्रवार की रात एक बजे के करीब उसकी तबियत बिगड़ने लगी। जेल प्रशासन ने चिकित्सक डा. उपेंद्र सिंह सोलंकी को बुलवाया। हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 16 नंबर बैरक में जवाहर बाग कांड के 10 बंदी थे।
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जिला कारागार अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि शुक्रवार की रात एक बजे हृदयगति रुक जाने से बंदी भगेलू की मौत हुई है। परिवारीजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को परिवारीजन ले गए।
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मृतक के पुत्र ने की तीन बार मुलाकात
जवाहर बाग कांड में आरोपी भगेलू से उसके पुत्र रामकिशोर ने पांच माह में तीन बार मुलाकात की। अंतिम बार 23 अगस्त, 2016 को रामकिशोर अपने पिता से मिलने आया था। वो उनके लिए कपड़े आदि सामान देकर जाता था।
554 की क्षमता, 1705 हैं निरुद्ध
जिला कारागार की क्षमता 554 की है, लेकिन वर्तमान में 1,705 बंदी जेल में निरुद्ध हैं। 20 बैरकों में इन सभी को समायोजित किया गया है। इससे काफी समस्या रहती है।