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जाति-पाति पूछै नहिं कोई... : पंकज
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 21 Dec 2015 10:21 PM IST
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जयगुरुदेव आश्रम पर चल रहे वार्षिक भंडारा सत्संग मेले के चौथे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंकज महाराज ने कहा कि ‘जाति-पाति पूछै नहिं कोई, हरि का भजै सो हरि का होई।’
प्रभु की पूजा करने का सबको समान अधिकार है। मनुष्य के खोटे कर्म महात्माओं की तरफ नहीं जाने देते हैं। संत महापुरुष तो सभी जीवों को भव सागर से निकालना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मालिक सबके अंदर हैं, उसके मिलने का रास्ता भी सबके पास है, नामधुन आ रही है। उस परमात्मा ने शरीर के अंदर कोई कमी नहीं रखी है। अबकी बार मानव तन मिला है।
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इसको व्यर्थ चीजों में नहीं गवाना चाहिए, इसलिए सुमिरन, भजन, ध्यान नित्य नियम से लगन के साथ करना चाहिए।
यदि इसमें एक दिन का नागा होता है तो महीनों पीछे हो जाते हैं। मन ने अपनी हविश को पूरा करने के लिए जाति-पाति, संप्रदाय, मजहब आदि बंदर बांट किया है।
इधर, श्रद्धालु भंडारे का पूजन प्रसाद लेकर अपने घरों को वापस जाने लगे हैं। मेले में दर्जनों जोड़ों का दहेज रहित विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
बाबा जयगुरुदेव महाराज की निर्माणाधीन समाधि में बढ़-चढ़कर भाग लेने का श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया।
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प्रभु की पूजा करने का सबको समान अधिकार है। मनुष्य के खोटे कर्म महात्माओं की तरफ नहीं जाने देते हैं। संत महापुरुष तो सभी जीवों को भव सागर से निकालना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि मालिक सबके अंदर हैं, उसके मिलने का रास्ता भी सबके पास है, नामधुन आ रही है। उस परमात्मा ने शरीर के अंदर कोई कमी नहीं रखी है। अबकी बार मानव तन मिला है।
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इसको व्यर्थ चीजों में नहीं गवाना चाहिए, इसलिए सुमिरन, भजन, ध्यान नित्य नियम से लगन के साथ करना चाहिए।
यदि इसमें एक दिन का नागा होता है तो महीनों पीछे हो जाते हैं। मन ने अपनी हविश को पूरा करने के लिए जाति-पाति, संप्रदाय, मजहब आदि बंदर बांट किया है।
इधर, श्रद्धालु भंडारे का पूजन प्रसाद लेकर अपने घरों को वापस जाने लगे हैं। मेले में दर्जनों जोड़ों का दहेज रहित विवाह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
बाबा जयगुरुदेव महाराज की निर्माणाधीन समाधि में बढ़-चढ़कर भाग लेने का श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया।