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Sant Premanand: प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास, संत ने ऐसे किया स्वागत
Sat, 06 Dec 2025 09:54 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 06 Dec 2025 09:54 PM IST
सार
प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलने उनके आश्रम पर नाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास पहुंचे। इस दाैरान प्रेमानंद महाराज ने संत का वंदन किया।
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संत प्रेमानंद महाराज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में नाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास ने संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की। उनके आगमन पर संत प्रेमानंद महाराज और उनके परिकरों ने स्वागत किया। संत प्रेमानंद महाराज ने आदर स्वरूप स्वयं जमीन पर आसन ग्रहण किया और उनको उच्च आसन प्रदान किया।
भेंट के दौरान जगद्गुरु सुतीक्ष्णदास ने ब्रज के रसिक संत रामदास के जीवन चरित्र का उल्लेख किया और बताया कि संत रामदास भक्तों से संवाद करने में अत्यंत रसिक थे। कथा व प्रवचन के उपरांत वे भी भक्तों के प्रश्नों का समाधान कर उन्हें आध्यात्मिक संतुष्टि प्रदान करते थे। उन्होंने एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक बार एक भक्त ने संत रामदास से ईश्वर-दर्शन की इच्छा व्यक्त की।
संत ने उत्तर दिया कि जो भी दर्शन करना चाहता है वह रात 10 बजे उनके पास पहुंचे। यह सुनते ही बड़ी संख्या में भक्त निर्धारित समय पर एकत्रित हो गए और वहां संकीर्तन की ध्वनि गूंज उठी।
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भेंट के दौरान जगद्गुरु सुतीक्ष्णदास ने ब्रज के रसिक संत रामदास के जीवन चरित्र का उल्लेख किया और बताया कि संत रामदास भक्तों से संवाद करने में अत्यंत रसिक थे। कथा व प्रवचन के उपरांत वे भी भक्तों के प्रश्नों का समाधान कर उन्हें आध्यात्मिक संतुष्टि प्रदान करते थे। उन्होंने एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक बार एक भक्त ने संत रामदास से ईश्वर-दर्शन की इच्छा व्यक्त की।
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संत ने उत्तर दिया कि जो भी दर्शन करना चाहता है वह रात 10 बजे उनके पास पहुंचे। यह सुनते ही बड़ी संख्या में भक्त निर्धारित समय पर एकत्रित हो गए और वहां संकीर्तन की ध्वनि गूंज उठी।
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