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Mathura News: अवैध होर्डिंग-बैनरों से शहर की बिगड़ी सूरत
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स्टेट बैंक से कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग के समीप सड़क पर लगा होर्डिंग
मथुरा। पूरी शहर अवैध होर्डिंग्स से पटा पड़ा है। इससे शहर की सुंदरता तो बिगड़ ही रही है नगर निगम को हर साल लाखों रुपये का चूना लग रहा है। और तो और इनकी चपेट में जर्जर भवन और कॉलोनियों के मकान भी अछूते नहीं बचे हैं। प्रत्येक तिराहे और चौराहे पर तीन से चार अवैध होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार मौन हैं।
नगर निगम ने शहर में होर्डिंग, पोस्टर व बैनर लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर रखे हैं। इन स्थानों पर प्रचार के इच्छुक लोगों द्वारा होर्डिंग आदि लगाने पर नगर निगम बाकायदा इनसे शुल्क वसूली करता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ चौराहों को छोड़कर सैकड़ों स्थानों पर इसे बिना शुल्क ही लगाया जा रहा है। इसमें कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की भी मिलीभगत बताई जा रही है।
ऐसे में न केवल विभाग को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, बल्कि पूरा शहर अवैध होर्डिंग से पटा है। शहर के एसबीआई चौराहा, जंक्शन रोड और होलीगेट चौराहे के साथ-साथ सार्वजनिक स्थल समेत सरकारी भवन, फ्लाईओवर को भी होर्डिंग का अड्डा बना दिया है। बिजली की खंभों पर भी ऐसी ही स्थिति है। किराए के लिए बाइक व स्कूटर और नौकरी देने के पोस्टर एक-एक पोल पर चार-चार लगा दिए हैं। ऐसे में शहर का सौंदर्यीकरण करना तो दूर की बात, जो है उसे भी बदसूरत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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शहर में 140 ही होर्डिंग वैध, बाकी अवैध
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने शहर में होर्डिंग व बैनर लगाने की जिम्मेदारी सात ठेकेदारों को दी है। प्रत्येक ठेकेदार को कम से कम 15 और अधिकतम 20 होर्डिंग लगाने का टेंडर दिया जाता है। ऐसे में शहर में करीब 140 ही होर्डिंग पोस्टर व बैनर वैध हैं। बाकी सब अवैध तरीके से लगाए गए हैं। विभाग स्थान व साइज के हिसाब से दो से तीन किस्तों में इनसे शुल्क वसूलता है। साथ ही समय से किस्त न भरने और अवधि समाप्त होने के बाद भी होर्डिंग को स्थान से नहीं हटाने पर कार्रवाई करता है।
शहर में लगे अवैध होर्डिंगों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई करता है। अवधि समाप्त होने पर इन्हें हटाया भी जाता है। फिर से अवैध होर्डिंगों को लेकर नगर निगम जल्द ही अभियान चलाएगा। -अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त
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नगर निगम ने शहर में होर्डिंग, पोस्टर व बैनर लगाने के लिए स्थान चिन्हित कर रखे हैं। इन स्थानों पर प्रचार के इच्छुक लोगों द्वारा होर्डिंग आदि लगाने पर नगर निगम बाकायदा इनसे शुल्क वसूली करता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ चौराहों को छोड़कर सैकड़ों स्थानों पर इसे बिना शुल्क ही लगाया जा रहा है। इसमें कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की भी मिलीभगत बताई जा रही है।
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ऐसे में न केवल विभाग को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, बल्कि पूरा शहर अवैध होर्डिंग से पटा है। शहर के एसबीआई चौराहा, जंक्शन रोड और होलीगेट चौराहे के साथ-साथ सार्वजनिक स्थल समेत सरकारी भवन, फ्लाईओवर को भी होर्डिंग का अड्डा बना दिया है। बिजली की खंभों पर भी ऐसी ही स्थिति है। किराए के लिए बाइक व स्कूटर और नौकरी देने के पोस्टर एक-एक पोल पर चार-चार लगा दिए हैं। ऐसे में शहर का सौंदर्यीकरण करना तो दूर की बात, जो है उसे भी बदसूरत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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शहर में 140 ही होर्डिंग वैध, बाकी अवैध
जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने शहर में होर्डिंग व बैनर लगाने की जिम्मेदारी सात ठेकेदारों को दी है। प्रत्येक ठेकेदार को कम से कम 15 और अधिकतम 20 होर्डिंग लगाने का टेंडर दिया जाता है। ऐसे में शहर में करीब 140 ही होर्डिंग पोस्टर व बैनर वैध हैं। बाकी सब अवैध तरीके से लगाए गए हैं। विभाग स्थान व साइज के हिसाब से दो से तीन किस्तों में इनसे शुल्क वसूलता है। साथ ही समय से किस्त न भरने और अवधि समाप्त होने के बाद भी होर्डिंग को स्थान से नहीं हटाने पर कार्रवाई करता है।
शहर में लगे अवैध होर्डिंगों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई करता है। अवधि समाप्त होने पर इन्हें हटाया भी जाता है। फिर से अवैध होर्डिंगों को लेकर नगर निगम जल्द ही अभियान चलाएगा। -अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त