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Mathura News: मांट में है कॉलेज तो बाहर क्यों पढ़ने जाना
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मथुरा। तहसील मांट क्षेत्र स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लोकमणि शर्मा राजकीय महाविद्यालय में नए सत्र 2026-27 में प्रवेश की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह कॉलेज एक बेहतरीन विकल्प है। जहां निजी कॉलेजों के मुकाबले सरकारी फीस पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है।
वर्ष 2003 से संचालित इस महाविद्यालय की खास बात यह है कि यहां तीनों संकायों के लिए अलग-अलग भवन हैं। प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। इनमें साइंस लैब- केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी और फिजिक्स की सुसज्जित लैब है। छात्रों के लिए कंप्यूटर लैब और होम साइंस लैब की भी व्यवस्था है। कॉलेज परिसर में भव्य ऑडिटोरियम भी है, जहां समय-समय पर सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। संस्थान में कला (आर्ट्स), विज्ञान (साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) तीनों ही प्रमुख संकायों का संचालन हो रहा है।
प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी। संस्थान का मुख्य उद्देश्य मांट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कम खर्चे में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
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तीन संकायों में सीटों का वितरण
कला संकाय (बीए): कुल 420 सीटें उपलब्ध।
विज्ञान संकाय (बीएससी): कुल 240 सीटें।
वाणिज्य संकाय (बीकॉम): कुल 360 सीटें।
सवाल-जवाब
सवाल: मुझे विज्ञान (बीएससी) में रुचि है, किस कॉलेज में प्रैक्टिकल की समुचित व्यवस्था है। - राजेश कुमार, लक्ष्मी नगर
जवाब: जिले में कई महाविद्यालय हैं, जिनमें सुसज्जित लैब मौजूद हैं। इनमें अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में प्रैक्टिकल कराए जाते हैं।
सवाल: किन कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षा या अन्य कौशल विकास के विकल्प हैं। - अमित सिंह, डीग गेट
जवाब: नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को मुख्य विषयों के साथ-साथ कौशल विकास से जुड़े कोर्स भी कराए जाते हैं। जिले के बीएसए कॉलेज सहित अन्य कॉलेज में भी यह सुविधा उपलब्ध है।
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वर्ष 2003 से संचालित इस महाविद्यालय की खास बात यह है कि यहां तीनों संकायों के लिए अलग-अलग भवन हैं। प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। इनमें साइंस लैब- केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी और फिजिक्स की सुसज्जित लैब है। छात्रों के लिए कंप्यूटर लैब और होम साइंस लैब की भी व्यवस्था है। कॉलेज परिसर में भव्य ऑडिटोरियम भी है, जहां समय-समय पर सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। संस्थान में कला (आर्ट्स), विज्ञान (साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) तीनों ही प्रमुख संकायों का संचालन हो रहा है।
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प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी। संस्थान का मुख्य उद्देश्य मांट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कम खर्चे में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना है।
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तीन संकायों में सीटों का वितरण
कला संकाय (बीए): कुल 420 सीटें उपलब्ध।
विज्ञान संकाय (बीएससी): कुल 240 सीटें।
वाणिज्य संकाय (बीकॉम): कुल 360 सीटें।
सवाल-जवाब
सवाल: मुझे विज्ञान (बीएससी) में रुचि है, किस कॉलेज में प्रैक्टिकल की समुचित व्यवस्था है। - राजेश कुमार, लक्ष्मी नगर
जवाब: जिले में कई महाविद्यालय हैं, जिनमें सुसज्जित लैब मौजूद हैं। इनमें अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में प्रैक्टिकल कराए जाते हैं।
सवाल: किन कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षा या अन्य कौशल विकास के विकल्प हैं। - अमित सिंह, डीग गेट
जवाब: नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को मुख्य विषयों के साथ-साथ कौशल विकास से जुड़े कोर्स भी कराए जाते हैं। जिले के बीएसए कॉलेज सहित अन्य कॉलेज में भी यह सुविधा उपलब्ध है।