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वादी गवाही से मुकरा तो अदालत ने भेजा दो माह के लिए जेल
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मथुरा। हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादी को अदालत में गवाही ना देना भारी पड़ गया। अपर जिला जज अष्टम संजय चौधरी ने वादी को दो माह की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। वादी को हर हाल में यह सजा भुगतनी होगी। हत्या के इस मामले में अदालत 8 अभियुक्तों को पूर्व में आजीवन करावास की सजा सुना चुकी है।
पुरानी रंजिश को लेकर वर्ष 2010 में कोसीकलां के दहगांव में हुए गोलीकांड में पूर्व प्रधान परम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के चश्मदीद भतीजे देवेन्द्र सिंह आठ लोगों को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान एडीजे अष्टम की अदालत में देवेन्द्र सिंह गवाही से मुकर गया । अदालत ने सरकारी गवाहों के आधार पर इसी 20 अक्तूबर को सभी नामजदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
तब अदालत ने देवेन्द्र को भी नोटिस जारी किया था। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी करने वाले सहायक शासकीय अधिवक्ता मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मुकदमे के देवेन्द्र को गवाही से मुकरने का दोषी मानते हुए दो माह के कारावास की सजा सुनाई है। सजा होने के बाद वादी ने जमानत के लिए अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया । अदालत ने उसके जमानत प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करते हुए जेल भेजने के आदेश दिए। एडीजीसी ने बताया कि देवेंद्र को जेल भेजा गया।
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पुरानी रंजिश को लेकर वर्ष 2010 में कोसीकलां के दहगांव में हुए गोलीकांड में पूर्व प्रधान परम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के चश्मदीद भतीजे देवेन्द्र सिंह आठ लोगों को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान एडीजे अष्टम की अदालत में देवेन्द्र सिंह गवाही से मुकर गया । अदालत ने सरकारी गवाहों के आधार पर इसी 20 अक्तूबर को सभी नामजदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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तब अदालत ने देवेन्द्र को भी नोटिस जारी किया था। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी करने वाले सहायक शासकीय अधिवक्ता मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मुकदमे के देवेन्द्र को गवाही से मुकरने का दोषी मानते हुए दो माह के कारावास की सजा सुनाई है। सजा होने के बाद वादी ने जमानत के लिए अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया । अदालत ने उसके जमानत प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करते हुए जेल भेजने के आदेश दिए। एडीजीसी ने बताया कि देवेंद्र को जेल भेजा गया।
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