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यदि सुभाष सा नेता मिलता हिंदुस्तान को...
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वृंदावन। संस्कार भारती की ओर से गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर निकुंजवासी गिरधारी लाल अग्रवाल एवं सुधा अग्रवाल की स्मृति में भारत माता पूजन एवं कवि सम्मेलन का आयोजन गोविंद देव पब्लिक स्कूल में किया गया। मुख्य अतिथि अनुराग गोयल ने मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गायन कलाकार कृष्णांगी त्रिपाठी ने देश भक्ति गीत दिल दिया है जान भी देंगे की प्रस्तुति दी। डॉ.उमाशंकर राही ने कहा कि ‘यदि सुभाष सा नेता मिलता हिंदुस्तान को, कबकी धूल चटा दी होती पापी पाकिस्तान को’ सुनाया।
मोहन मोही ने ‘हुआ है दंगल का ऐलान संजोए लखनऊ का अरमान कि बंदर झूम उठे...।’ कवि डॉ. रमाशंकर पांडे ने ‘बलिदानी गाथा का स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्र वंदना में प्राण सुमन चढ़ा गये वो राष्ट्रभक्ति-भाव -भव्य हो गया ललाम है...।’ चांद हाथरसी ने ‘मेरे देश का इंसान अगर इंसान हो जाए ,तो मेरा विश्व से बेहतर यह हिंदुस्तान हो जाए सुनाया।’
विनीत गौतम ने ‘अडिग हिमालय युगों युगों से जिसकी शान बढ़ाता है, सागर जिसके चरण पखारे वंदन गीत सुनाता है’ कविता पढ़ी। कवयित्री स्नेहा शर्मा ने ‘नम्रता के साथ-साथ साजिशों को तोड़ने को व्यक्ति के चरित्र में प्रचंडता जरूरी हो’, कवि नेत्रपाल राघव ने ‘गुलामी की जंजीर गुलामी न स्वीकार की, ऐसे वीर आजाद का सांथ मांगता हूं मैं...।’
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इस अवसर पर कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी, नगर निगम के उपसभापति राधा कृष्ण पाठक, प्रोफेसर केएम अग्रवाल, हरिवंश खंडेलवाल, संस्कार भारती के मंत्री संगठन बृज किशोर त्रिपाठी, पुलिन बिहारी गौतम, रवि अग्रवाल, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, केशव देव उपाध्याय, राहुल पटेल, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, आनंद प्रकाश द्विवेदी, विश्वनाथ गुप्ता , प्रमोद अग्रवाल, परमानंद गुप्त, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा थे।
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मोहन मोही ने ‘हुआ है दंगल का ऐलान संजोए लखनऊ का अरमान कि बंदर झूम उठे...।’ कवि डॉ. रमाशंकर पांडे ने ‘बलिदानी गाथा का स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्र वंदना में प्राण सुमन चढ़ा गये वो राष्ट्रभक्ति-भाव -भव्य हो गया ललाम है...।’ चांद हाथरसी ने ‘मेरे देश का इंसान अगर इंसान हो जाए ,तो मेरा विश्व से बेहतर यह हिंदुस्तान हो जाए सुनाया।’
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विनीत गौतम ने ‘अडिग हिमालय युगों युगों से जिसकी शान बढ़ाता है, सागर जिसके चरण पखारे वंदन गीत सुनाता है’ कविता पढ़ी। कवयित्री स्नेहा शर्मा ने ‘नम्रता के साथ-साथ साजिशों को तोड़ने को व्यक्ति के चरित्र में प्रचंडता जरूरी हो’, कवि नेत्रपाल राघव ने ‘गुलामी की जंजीर गुलामी न स्वीकार की, ऐसे वीर आजाद का सांथ मांगता हूं मैं...।’
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इस अवसर पर कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुरजी, नगर निगम के उपसभापति राधा कृष्ण पाठक, प्रोफेसर केएम अग्रवाल, हरिवंश खंडेलवाल, संस्कार भारती के मंत्री संगठन बृज किशोर त्रिपाठी, पुलिन बिहारी गौतम, रवि अग्रवाल, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, केशव देव उपाध्याय, राहुल पटेल, चंद्रप्रकाश द्विवेदी, आनंद प्रकाश द्विवेदी, विश्वनाथ गुप्ता , प्रमोद अग्रवाल, परमानंद गुप्त, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा थे।