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मानवाधिकार आयोग ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:50 PM IST
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पुलिस लाइन के सामने खुले मैदान में धरनारत धनगर समाज के लोगों को रातों रात पुलिस द्वारा खदेड़ने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट डीएम को चार अप्रैल तक आयोग को भेजनी होगी।
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहब सिंह धनगर ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। इसके अनुसार जाति प्रमाणपत्र न बनने पर धनगर समाज के 10-12 लोग 10 अगस्त 2015 से पुलिस लाइन के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर कुछ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया।
14 अगस्त तक अनशनकारियों से वार्ता के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। 14 अगस्त की रात करीब 150 पुलिस कर्मियों को साथ लेकर सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक नगर, तहसीलदार महावन अनशन स्थल पर पहुंचे। यहां लगे महापुरुषों के पोस्टर फाड़ दिए गए, फोटो तोड़ दिए गए।
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12 अनशनकारियों में से छह को जबरन एंबुलेंस में बिठाकर ले गए। बाकी लोगों से मारपीट कर अनशन स्थल से भगा दिया। इस दौरान अनशनकारियों से गालीगलौज भी किया। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग के न्यायाधीश यूके ढान ने जिला प्रशासन से चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। आयोग के सचिव ने डीएम मथुरा से चार अप्रैल तक रिपोर्ट तलब की है।
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राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहब सिंह धनगर ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की थी। इसके अनुसार जाति प्रमाणपत्र न बनने पर धनगर समाज के 10-12 लोग 10 अगस्त 2015 से पुलिस लाइन के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर कुछ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया।
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14 अगस्त तक अनशनकारियों से वार्ता के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। 14 अगस्त की रात करीब 150 पुलिस कर्मियों को साथ लेकर सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक नगर, तहसीलदार महावन अनशन स्थल पर पहुंचे। यहां लगे महापुरुषों के पोस्टर फाड़ दिए गए, फोटो तोड़ दिए गए।
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12 अनशनकारियों में से छह को जबरन एंबुलेंस में बिठाकर ले गए। बाकी लोगों से मारपीट कर अनशन स्थल से भगा दिया। इस दौरान अनशनकारियों से गालीगलौज भी किया। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग के न्यायाधीश यूके ढान ने जिला प्रशासन से चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। आयोग के सचिव ने डीएम मथुरा से चार अप्रैल तक रिपोर्ट तलब की है।