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Mathura News: बाढ़ में डूब रहे मकान, बर्बाद हो रहा सामान, तिल-तिल मर रहे अरमान
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मथुरा। गणेशधाम कॉलोनी में पानी भरने के बाद घर छोड़कर जाते स्थानीय निवासी।
- फोटो : mathura
मथुरा। यमुना में बढ़े जलस्तर ने मथुरा-वृंदावन की कुछ कॉलोनियों के साथ ही देहात के कई गांवों को चपेट में ले लिया है। बाढ़ में मकान डूब रहे हैं, सामान बर्बाद हो रहा है। ये बर्बादी देखकर उन लोगों के अरमान तिल-तिल कर मर रहे हैं, जिन्होंने पूरी जिंदगी की कमाई से एक घरौंदा तैयार किया था।
बीते एक माह से नौहझील और शेरगढ़ क्षेत्र के गांवोें में घुसा बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है, तो वहीं अब जलस्तर और बढ़ने से मथुरा और वृंदावन में भी हालात खराब हो गए हैं। नगर निगम के वार्ड जयसिंहपुरा और वृंदावन की कई कॉलोनियों में पांच फीट तक पानी भर गया है। गलियों में नाव चल रही है, घरों में भी पानी भर गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं, कि लोगों को अपन घर छोड़ना पड़ रहा है।
गणेश धाम कॉलोनी में रहने वाले आबिद बाढ़ के बाद भी अब तक घर में डटे थे। उन्होंने छत पर जरूरी सामान रख लिया था और, परिवार के साथ छत पर ही रह रहे थे। नीचे रखा सामान घर में पानी भरने से बर्बाद हो गया। शुक्रवार को पानी जब और बढ़ा तो परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया। दो बोरियों में कपड़े और जरूरी सामान लेकर परिवार के साथ वे शेल्टर होम चले गए। घर से विदा लेने के दौरान उनकी आंखें नम थीं, लेकिन आखिर करते भी क्या करते।
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यह हाल किसी एक आबिद का नहीं है, बल्कि सैकड़ों आबिद ऐसे हैं, जिन्हें अपना मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा। पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई से बना घर और उसमें जाम किया सामान बर्बाद होते देखे उनके अरमान तिल-तिल कर मर रहे हैं। उन्हें नहीं पता कि वे जब वापस लौटेंगे तो उनका घर बचेगा भी या नहीं। दरअसल जलभराव के चलते कई मकान धराशायी हो चुके हैं, अन्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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कॉलोनियों में भरा पानी, चोरों की आई बाढ़
एक तरफ कॉलोनियों में पानी भरा है तो दूसरी तरफ चोरों की बाढ़ आ गई है। शहर से लेकर देहात तक बाढ़ प्रभावित कॉलोनियों और गांवों में खाली पड़े घरों में चोर हाथ साफ कर जा रहे हैं। चोरी के डर से बाढ़ के बाद भी लोग घरों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।
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बीते एक माह से नौहझील और शेरगढ़ क्षेत्र के गांवोें में घुसा बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है, तो वहीं अब जलस्तर और बढ़ने से मथुरा और वृंदावन में भी हालात खराब हो गए हैं। नगर निगम के वार्ड जयसिंहपुरा और वृंदावन की कई कॉलोनियों में पांच फीट तक पानी भर गया है। गलियों में नाव चल रही है, घरों में भी पानी भर गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं, कि लोगों को अपन घर छोड़ना पड़ रहा है।
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गणेश धाम कॉलोनी में रहने वाले आबिद बाढ़ के बाद भी अब तक घर में डटे थे। उन्होंने छत पर जरूरी सामान रख लिया था और, परिवार के साथ छत पर ही रह रहे थे। नीचे रखा सामान घर में पानी भरने से बर्बाद हो गया। शुक्रवार को पानी जब और बढ़ा तो परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया। दो बोरियों में कपड़े और जरूरी सामान लेकर परिवार के साथ वे शेल्टर होम चले गए। घर से विदा लेने के दौरान उनकी आंखें नम थीं, लेकिन आखिर करते भी क्या करते।
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यह हाल किसी एक आबिद का नहीं है, बल्कि सैकड़ों आबिद ऐसे हैं, जिन्हें अपना मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा। पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई से बना घर और उसमें जाम किया सामान बर्बाद होते देखे उनके अरमान तिल-तिल कर मर रहे हैं। उन्हें नहीं पता कि वे जब वापस लौटेंगे तो उनका घर बचेगा भी या नहीं। दरअसल जलभराव के चलते कई मकान धराशायी हो चुके हैं, अन्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कॉलोनियों में भरा पानी, चोरों की आई बाढ़
एक तरफ कॉलोनियों में पानी भरा है तो दूसरी तरफ चोरों की बाढ़ आ गई है। शहर से लेकर देहात तक बाढ़ प्रभावित कॉलोनियों और गांवों में खाली पड़े घरों में चोर हाथ साफ कर जा रहे हैं। चोरी के डर से बाढ़ के बाद भी लोग घरों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।