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वसंत संग छाएगी रंगोत्सव की बहार

Thu, 11 Feb 2016 11:27 PM IST
जितेन्द्र पुजारी
जितेन्द्र पुजारी Updated Thu, 11 Feb 2016 11:27 PM IST
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holi in brij
जगत होरी ब्रज होरा। होली पूरे भारत में एक दिन का त्योहार हो लेकिन ब्रज के लिए रंगोत्सव मास भर की लीला है। ब्रजवासी कहते हैं कि ‘इनकी (ब्रज के बाहर रहने वाले) होरी कौ रंग इतनौ कच्चौ होय कि एक दिन में ही धुब जाय और ब्रज की होरी कौ रंग इतनौ चटक होय कि याकी छाप महीनान तक नाय जाय।’
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सही भी है क्योंकि वसंत की फुहार से रंगों की बौछार तक पहुंचने के 40 दिन ब्रज में अनूठे हैं। नित नए रूप धरती होरी और हुरंगों का आनंद ब्रज के सिवा कहीं और नहीं मिलता। प्रदेश और देश तो छोड़िए विदेशों से श्रद्धालु खिंचे चले आते हैं।
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आज वसंत पंचमी के अवसर पर नंदगांव-बरसाना में डाढ़ा (होली की पताका) गड़ने के साथ ही यह महामहोत्सव ब्रज से पूरे देश में फैल जाएगा। इसके बाद शुरुआत होगी वसंत और फिर फागुन के गीतों से ब्रज संस्कृति का रंग चटख करने की। इसलिए ब्रजवासियों की ओर से सभी को आमंत्रण है रंगोत्सव में रंगने का...
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ब्रज में वसंत पंचमी के दिन से ही रंग और गुलाल के बदरा घुमड़ने लगते हैं। कन्हैया और कनुप्रिया की लीलास्थली नंदगांव-बरसाना के मंदिरों में लाला और लाड़ली जी के सम्मुख गोस्वामीजनों द्वारा समाज गायन किया जाता है।
नंदगांव के नंदीश्वर पर्वत पर सुशोभित नंदभवन में जयदेव के गीत गोविंद की अष्टपदी का झांझ, ढप और मृदंग के मनोहारी गायन सुनना अपने आप में अनोखा है।

एक ओर वसंत पंचमी के दिन स्कूलों में मां शारदा की पूजा की जाती है तो दूसरी ओर नंदभवन के सेवायत गोस्वामी वासंती वस्त्रों में सज-धज कर ऋतुराज का स्वगात करते हैं। वसंत आगमन के साथ ही नंदगांव के विश्व प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर और बरसाना के श्रीजी मंदिर में समाज गायन प्रारंभ हो जाता है। नंदभवन के सेवायत हरीमोहन गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार को दोेपहर से समाज गायन की शुरुआत हो जाएगी।

नंदभवन की समाज के बाद नंदीश्वर महादेव को होरी (होली) के पद सुनाए जाएंगे। इसके बाद गोस्वामियों के पूर्वज बाबा आनंदघन को होली सुनाई जाएगी। यह उत्सव दोपहर में दो बजे तक चलेगा। इसके बाद रोजाना शाम को धूलहोली तक नंदभवन में समाज गायन होगा।

बरसाना के श्रीराधारानी मंदिर में श्यामाजू वसंती रंग में भक्तों को दर्शन देंगी। शाम को सेवायत गोस्वामी समाज द्वारा सामूहिक समाज गायन कर होली का डाढ़ा गाड़ा जाएगा। गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसी गोस्वामी के सानिध्य में होली के पदों का गायन होगा। रिसीवर मनमोहन गोस्वामी ने बताया कि समाज गायन 40 दिन तक जारी रहेगा।



गोस्वामी बालकों का मुंडन संस्कार
ब्रज में हर त्योहार को अपने इष्ट और सखा कन्हैया से जोड़कर ही मनाने की परंपरा है। यही कारण है कि नंदगांव, जतीपुरा, आन्यौर, गोवर्धन आदि गांवों में गोस्वामी बालकों का मुंडन संस्कार वसंत पंचमी पर ही कराया जाता है। नंदबाबा मंदिर के सेवायत लोकेश गोस्वामी बताते हैं कि तीसरे वर्ष मंदिर प्रांगण में पंचमी के दिन बालकों केे चोटी रखी जाती है। इसके बाद छठवीं के दिन मुंडन कराया जाता है। इस दिन महिलाएं मंगलगीत गाकर और लोकनृत्य कर कन्हैया से वंशवृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। मिठाई, बतासे आदि बांटे जाते हैं।  


प्रमुख कार्यक्रम
16 मार्च - फाग आमंत्रण महोत्सव नंदगांव, लड्डू होली बरसाना
17 मार्च - बरसाना लठामार होली
18 मार्च - नंदगांव लठामार होली
19 मार्च - श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में होली
23 मार्च - प्रमुख होली, फालैन में धधकती आग से निकलेगा पंडा
24 मार्च - धूलहोली
25 मार्च - नंदगांव, जाब और दाऊजी में हुरंगा
26 मार्च - गिडोह और बठैन में हुरंगा


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