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विश्व प्रसिद्ध लठामार होली 27, 28 को
जितेंद्र पुजारी
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:50 PM IST
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वसंत में खुद को ताजगी से भर चुके ब्रजवासी फागुन मास के आते ही आनंद से सराबोर हैं। नंदगांव-बरसाना में लठामार होली की तैयारियां की जा रही हैं। हुरियारे और हुरियारिनें तो होली का डाढ़ा रोपे जाने के बाद से ही ढाल और लट्ठ थामने के इंतजार में हैं। ऐसा हो भी क्यों न? आखिर लाला और लाड़ली की इस अलौकिक लीला के परमानंद का अवसर साल भर बाद जो आया है। तभी तो ब्रज गलियों में शोर है कि गोरी आयौ फागुन मास खेल तू रसिया ते होरी।
वसंत पंचमी के दिन से ही ब्रज में फाग महोत्सव आरंभ हो गया है। मंदिरों में वसंत के पदों के साथ समाज गायन किए जा रहे हैं। संगीताचार्य और नंदबाबा मंदिर के सेवायत राधारमण गोस्वामी ने बताया कि फागुन मास के लगते ही होरी धमार प्रारंभ हो जाएंगी। अब ठाकुरजी पर अबीर, गुलाल, टेसू के फूलों का रंग बरसाने और नंदगांव-बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
ऐसे में हुरियारे अपनी ढाल को सजाने, बगलबंदी सिलवाने और पागों को सुधारने में लगे हैं तो हुरियारिनों ने लाठियों को तेल पिलाना शुरू कर देंगी। राधारमण गोस्वामी बताते हैं कि फागुन आते ही हुरियारिनों की सास-ननद हुरियारिनों को दूध, घी, मेवा युक्त हलवा पिलाना शुरू कर देती हैं जिससे उनकी हुरियारिन हुरियारों से जीत कर आए। हालांकि जीत-हार मायने नहीं रखती। कृष्ण स्वरूप हुरियारे और श्रीजी स्वरूप हुरियारिनें जीतना तो चाहते हैं लेकिन अपने मन, क्रम, वचन से प्रेमी से हारने में भी एक अलग आनंद की प्राप्ति होती है। कहा भी गया है कि-
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‘या होरी के मोल की जग सौं उल्टी रीत,
जीतन ही में हार है हारन में ही जीत।’
विश्व प्रसिद्ध लठामार होली 27, 28 को
बरसाना और नंदगांव में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली का आयोजन 27 और 28 फरवरी को होगा। नंदभवन के सेवायत पूर्व प्रवक्ता विजन गोस्वामी ने बताया कि बरसाना से 26 फरवरी को अष्टमी के दिन होली का निमंत्रण रूपी गुलाल आएगा। होली का न्योता मिलने के बाद नंदभवन में उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन बरसाना में लड्डू होली और पांडे लीला का आयोजन होगा। होली का न्योता पाकर हर्षित नंदगांव के हुरियारे 27 फरवरी को सजधज कर बरसाना पहुंचेंगे। श्रीजी मंदिर में समाज गायन के पश्चात रंगीली गली में पौराणिक और ऐतिहासिक लठामार होली खेली जाएगी। इसी क्रम में 28 फरवरी को नंदगांव के नंदभवन में समाज गायन के बाद रंगीली गली और लठमार होली चौक पर द्वापर युग की इस अद्भुत लीला का रसास्वादन किया जाएगा। पांच मार्च पूर्णिमा को होलिका दहन, ब्रज के गांव फालैन और जटवारी में 6 की रात और 7 की सुबह के बीच धधकती आग से पंडा निकलेगा। जाब निवासी सुरेश शर्मा ने बताया कि 7 मार्च को धूल होली और होली विदाई महोत्सव, 8 मार्च को जाब-नंदगांव में और 9 मार्च को बठैन-गिडोह में ऐतिहासिक हुरंगा का आयोजन होगा।
शिवरात्रि को निकलेगी प्रथम चौपाई
लाडली जी मंदिर बरसाना में शिवरात्रि को होली की प्रथम चौपाई निकाली जाएगी। सेवायत रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि समाजी ढोल नगाड़ों के साथ कस्बा के प्रमुख मार्गों से समाज गायन करते हुए रंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे। द्वितीय चौपाई लड्डू होली के दिन निकाली जाएगी।
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वसंत पंचमी के दिन से ही ब्रज में फाग महोत्सव आरंभ हो गया है। मंदिरों में वसंत के पदों के साथ समाज गायन किए जा रहे हैं। संगीताचार्य और नंदबाबा मंदिर के सेवायत राधारमण गोस्वामी ने बताया कि फागुन मास के लगते ही होरी धमार प्रारंभ हो जाएंगी। अब ठाकुरजी पर अबीर, गुलाल, टेसू के फूलों का रंग बरसाने और नंदगांव-बरसाना में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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ऐसे में हुरियारे अपनी ढाल को सजाने, बगलबंदी सिलवाने और पागों को सुधारने में लगे हैं तो हुरियारिनों ने लाठियों को तेल पिलाना शुरू कर देंगी। राधारमण गोस्वामी बताते हैं कि फागुन आते ही हुरियारिनों की सास-ननद हुरियारिनों को दूध, घी, मेवा युक्त हलवा पिलाना शुरू कर देती हैं जिससे उनकी हुरियारिन हुरियारों से जीत कर आए। हालांकि जीत-हार मायने नहीं रखती। कृष्ण स्वरूप हुरियारे और श्रीजी स्वरूप हुरियारिनें जीतना तो चाहते हैं लेकिन अपने मन, क्रम, वचन से प्रेमी से हारने में भी एक अलग आनंद की प्राप्ति होती है। कहा भी गया है कि-
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जीतन ही में हार है हारन में ही जीत।’
विश्व प्रसिद्ध लठामार होली 27, 28 को
बरसाना और नंदगांव में विश्व प्रसिद्ध लठामार होली का आयोजन 27 और 28 फरवरी को होगा। नंदभवन के सेवायत पूर्व प्रवक्ता विजन गोस्वामी ने बताया कि बरसाना से 26 फरवरी को अष्टमी के दिन होली का निमंत्रण रूपी गुलाल आएगा। होली का न्योता मिलने के बाद नंदभवन में उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन बरसाना में लड्डू होली और पांडे लीला का आयोजन होगा। होली का न्योता पाकर हर्षित नंदगांव के हुरियारे 27 फरवरी को सजधज कर बरसाना पहुंचेंगे। श्रीजी मंदिर में समाज गायन के पश्चात रंगीली गली में पौराणिक और ऐतिहासिक लठामार होली खेली जाएगी। इसी क्रम में 28 फरवरी को नंदगांव के नंदभवन में समाज गायन के बाद रंगीली गली और लठमार होली चौक पर द्वापर युग की इस अद्भुत लीला का रसास्वादन किया जाएगा। पांच मार्च पूर्णिमा को होलिका दहन, ब्रज के गांव फालैन और जटवारी में 6 की रात और 7 की सुबह के बीच धधकती आग से पंडा निकलेगा। जाब निवासी सुरेश शर्मा ने बताया कि 7 मार्च को धूल होली और होली विदाई महोत्सव, 8 मार्च को जाब-नंदगांव में और 9 मार्च को बठैन-गिडोह में ऐतिहासिक हुरंगा का आयोजन होगा।
शिवरात्रि को निकलेगी प्रथम चौपाई
लाडली जी मंदिर बरसाना में शिवरात्रि को होली की प्रथम चौपाई निकाली जाएगी। सेवायत रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि समाजी ढोल नगाड़ों के साथ कस्बा के प्रमुख मार्गों से समाज गायन करते हुए रंगेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे। द्वितीय चौपाई लड्डू होली के दिन निकाली जाएगी।