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बदरा है रहे लाल, होरी को रंग उड़न लाग्यौ
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:28 PM IST
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द्वारिकाधीश मंदिर
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वसंत पंचमी से होली का डाढ़ा गढ़ने के बाद होली का रंग चढ़ने लगा है। ब्रज के प्रमुख द्वारिकाधीश मंदिर में एक माह तक होली का धमाल शुरू हो गया। शनिवार से 31 दिवसीय होलिका महोत्सव मनाया जा रहा है। ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के लोगोें ने प्राचीन वाद्ययंत्रों के साथ होली गायन किया।
ब्रज के प्रमुख त्योहार ब्रज की होली को लेकर द्वारिकाधीश मंदिर में शनिवार से होलिका महोत्सव शुरू हुआ। ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के संरक्षक चुन्नीलाल चतुर्वेदी, मंत्री छोटेलाल की 31 सदस्यीय रसिया गायकों की टीम होली ने रसिया, कवित्त, छंद, चौक, चौबोला, पद गायन किया।
इसमें मेरी चूनर में लग गयौ दाग री, एसौ चटक रंग डारयौ, मति मारै दृगन की चोट, रसिया होरी में मेरे लग जाएगी, मति मारे.....कैसे बदरा है रहे लाल, होरी का रंग उड़न लाग्यौ....का गायन किया। रसिया गायक चुन्नीलाल चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह 10 से 11 बजे तक रोज रसिया गायन होगा। इसमें प्राचीन व परंपरागत वाद्ययंत्र बम्ब वादन, खंजरी, मजीरा, बेला, ढ़ोलक बजाकर होली गायन किया जा रहा है।
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ब्रज के प्रमुख त्योहार ब्रज की होली को लेकर द्वारिकाधीश मंदिर में शनिवार से होलिका महोत्सव शुरू हुआ। ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के संरक्षक चुन्नीलाल चतुर्वेदी, मंत्री छोटेलाल की 31 सदस्यीय रसिया गायकों की टीम होली ने रसिया, कवित्त, छंद, चौक, चौबोला, पद गायन किया।
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इसमें मेरी चूनर में लग गयौ दाग री, एसौ चटक रंग डारयौ, मति मारै दृगन की चोट, रसिया होरी में मेरे लग जाएगी, मति मारे.....कैसे बदरा है रहे लाल, होरी का रंग उड़न लाग्यौ....का गायन किया। रसिया गायक चुन्नीलाल चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह 10 से 11 बजे तक रोज रसिया गायन होगा। इसमें प्राचीन व परंपरागत वाद्ययंत्र बम्ब वादन, खंजरी, मजीरा, बेला, ढ़ोलक बजाकर होली गायन किया जा रहा है।
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