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Mathura News: हाई पावर कमेटी ने किया इन्कार, सात दीयों से होगा दीपदान संस्कार
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फोटो -
-कार्तिक मास में वर्ष 2025 तक प्रतिदिन गोस्वामी परिवार द्वारा 365 दीपों से किया जाता था दीपदान
- आचार्य फुंदीलाल गोस्वामी परिवार की छठवी पीढ़ी मंदिर में कार्तिक मास पर करेगी दीपदान
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में कार्तिक मास की पूर्णिमा से पारंपरिक दीपदान शुरू होगा। एक वर्ष पहले तक प्रतिदिन 365 दिए जलाए जाते थे, लेकिन हाई पावर कमेटी के निर्देश पर अब यह 159 साल पुरानी परंपरा सात दियों तक सिमट गई है। इस वर्ष 160वां दीपदान 26 अक्तूबर से सेवायत आचार्य फुंदी लाल गोस्वामी की छठवीं पीढ़ी द्वारा किया जाएगा।
दीपदान मंदिर के पीछे के चौक के बजाय अर्ध निर्मित हॉल में किया जाएगा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी ने सात दिए जलाने की स्वीकृति दी है। आचार्य फुंदी लाल गोस्वामी का परिवार पिछले 159 साल से कार्तिक मास में प्रतिदिन दीपदान करता आ रहा है। पहले कार्तिक पूर्णिमा से प्रतिदिन 365 दीपक जलाकर दीपदान होता था। मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी ने दीपदान की परंपरा के लिए कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार से स्वीकृति ली थी। अध्यक्ष अशोक कुमार ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी सात दीपक से दीपदान की स्वीकृति दी। अशोक गोस्वामी ने बताया कि उन्हें अभी तक मंदिर कमेटी द्वारा कोई प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में दीपदान के साथ ही वह अपनी हवेली पर पूरे कार्तिक मास में 500 दीपक जलाते हैं। कार्तिक में दीपदान का विशेष महत्व है।
परंपरा में आया बदलाव, स्थान भी बदला
दीपदान की यह परंपरा 159 साल पुरानी है। गोस्वामी परिवार द्वारा प्रतिदिन 365 दिए जलाए जाते थे। पिछले वर्ष से यह संख्या घटकर सात हो गई है। मंदिर कमेटी ने दीपदान का स्थान भी बदल दिया है। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार ने सात दीपक से दीपदान की स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति पिछले वर्ष की तरह ही दी गई है। सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि उन्हें अभी तक लिखित प्रपत्र नहीं मिला है। वह इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अशोक गोस्वामी अपनी हवेली पर भी 500 दीपक जलाकर परंपरा का निर्वाह करते हैं।
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-कार्तिक मास में वर्ष 2025 तक प्रतिदिन गोस्वामी परिवार द्वारा 365 दीपों से किया जाता था दीपदान
- आचार्य फुंदीलाल गोस्वामी परिवार की छठवी पीढ़ी मंदिर में कार्तिक मास पर करेगी दीपदान
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में कार्तिक मास की पूर्णिमा से पारंपरिक दीपदान शुरू होगा। एक वर्ष पहले तक प्रतिदिन 365 दिए जलाए जाते थे, लेकिन हाई पावर कमेटी के निर्देश पर अब यह 159 साल पुरानी परंपरा सात दियों तक सिमट गई है। इस वर्ष 160वां दीपदान 26 अक्तूबर से सेवायत आचार्य फुंदी लाल गोस्वामी की छठवीं पीढ़ी द्वारा किया जाएगा।
दीपदान मंदिर के पीछे के चौक के बजाय अर्ध निर्मित हॉल में किया जाएगा। श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी ने सात दिए जलाने की स्वीकृति दी है। आचार्य फुंदी लाल गोस्वामी का परिवार पिछले 159 साल से कार्तिक मास में प्रतिदिन दीपदान करता आ रहा है। पहले कार्तिक पूर्णिमा से प्रतिदिन 365 दीपक जलाकर दीपदान होता था। मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी ने दीपदान की परंपरा के लिए कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार से स्वीकृति ली थी। अध्यक्ष अशोक कुमार ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी सात दीपक से दीपदान की स्वीकृति दी। अशोक गोस्वामी ने बताया कि उन्हें अभी तक मंदिर कमेटी द्वारा कोई प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में दीपदान के साथ ही वह अपनी हवेली पर पूरे कार्तिक मास में 500 दीपक जलाते हैं। कार्तिक में दीपदान का विशेष महत्व है।
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परंपरा में आया बदलाव, स्थान भी बदला
दीपदान की यह परंपरा 159 साल पुरानी है। गोस्वामी परिवार द्वारा प्रतिदिन 365 दिए जलाए जाते थे। पिछले वर्ष से यह संख्या घटकर सात हो गई है। मंदिर कमेटी ने दीपदान का स्थान भी बदल दिया है। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार ने सात दीपक से दीपदान की स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति पिछले वर्ष की तरह ही दी गई है। सेवायत अशोक गोस्वामी ने बताया कि उन्हें अभी तक लिखित प्रपत्र नहीं मिला है। वह इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अशोक गोस्वामी अपनी हवेली पर भी 500 दीपक जलाकर परंपरा का निर्वाह करते हैं।
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