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मथुरा में बंदरों के आतंक पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Wed, 31 May 2017 11:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा-वृंदावन में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार, मथुरा जिला प्रशासन और वन विभाग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि बंदरों के आतंक से आम लोगों को निजात दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मथुरा के महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल की जनहित याचिका
पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना है कि मथुरा-वृंदावन में बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल है। बंदर महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ते। यह कई लोगों को काट चुके हैं। घरों में घुसकर उत्पात करते हैं। मथुरा वृंदावन में बड़ी संख्या में बाहर से श्रृद्धालु आते हैं,
उनको भी बंदर काट लेते हैं या प्रसाद आदि छीन लेते हैं। लोगों के सामान नष्ट कर देते हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से कई बार शिकायत की गई मगर कोई कदम नहीं उठाया गया। मांग की गई है कि बंदरों के आतंक से आम लोगोें को निजात दिलाई जाए तथा बंदरों को आबादी से दूर जंगलों में भेजने का प्रबंध किया जाए। याचिका पर जुलाई में सुनवाई होगी।
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पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना है कि मथुरा-वृंदावन में बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल है। बंदर महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ते। यह कई लोगों को काट चुके हैं। घरों में घुसकर उत्पात करते हैं। मथुरा वृंदावन में बड़ी संख्या में बाहर से श्रृद्धालु आते हैं,
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उनको भी बंदर काट लेते हैं या प्रसाद आदि छीन लेते हैं। लोगों के सामान नष्ट कर देते हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से कई बार शिकायत की गई मगर कोई कदम नहीं उठाया गया। मांग की गई है कि बंदरों के आतंक से आम लोगोें को निजात दिलाई जाए तथा बंदरों को आबादी से दूर जंगलों में भेजने का प्रबंध किया जाए। याचिका पर जुलाई में सुनवाई होगी।
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