{"_id":"5f1ede998ebc3e9ff52cb955","slug":"health-workers-mathura-news-agr452246581","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना मरीजों को लेकर आ रहा एंबुलेंस चालक हुआ बेहोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना मरीजों को लेकर आ रहा एंबुलेंस चालक हुआ बेहोश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। इस उमस भरी गर्मी में कई घंटे तक पीपीई किट पहनकर काम करना स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। रविवार को चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेकर आता एंबुलेंस चालक बेहोश हो गया। गनीमत रही कि बेहोश होने से पहले ही चालक ने ब्रेक लगा दिए अन्यथा हादसा हो सकता था।
रविवार की दोपहर एंबुलेंस चालक मंडी चौराहे के समीप से चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेकर कोविड अस्पताल लेकर जा रहा था। जैसे ही चालक मंडी चौराहे से आगे बढ़ा अचानक उसे बेहोशी छाने लगी। जब तक चालक बेहोश होता उसने चलती एंबुलेंस में ब्रेक लगा दिए। इसके बाद बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा। चालक को बेहोश देख साथ चले रहे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ घबरा गया। चालक को नीचे उतारा गया और पीपीई किट को फाड़कर उसे पानी डालकर होश में लाया। इसके बाद दूसरे चालक के माध्यम से चारों मरीजों को अस्पताल ले जाया गया। यह पहला मामला नहीं है जब पीपीई किट पहने के बाद कोई एंबुलेंस चालक बेहोश हुआ हो। इससे पहले 18 और 20 जुलाई को भी एंबुलेंस चालक पीपीई किट पहने के बाद बेहोश हो चुके हैं।
डीएम को ज्ञापन देकर उच्च गुणवत्ता वाली पीपीई किट दिलाए जाने की मांग की गई है। इस पीपीई किट के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों को भी बताया गया है, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
- प्रभात यादव, जिलाध्यक्ष जीवन दायिनी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ
अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है कि पीपीई किट मोटे पॉलिथीन की बनी हुई है। इसे पहनकर काम करना बहुत परेशानी भरा है, जबकि अन्य जनपदों में पीपीई किट बहुत अच्छे मानकों वाली है। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
अजय सिंह, प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस सेवा
विज्ञापन
रविवार की दोपहर एंबुलेंस चालक मंडी चौराहे के समीप से चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लेकर कोविड अस्पताल लेकर जा रहा था। जैसे ही चालक मंडी चौराहे से आगे बढ़ा अचानक उसे बेहोशी छाने लगी। जब तक चालक बेहोश होता उसने चलती एंबुलेंस में ब्रेक लगा दिए। इसके बाद बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा। चालक को बेहोश देख साथ चले रहे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ घबरा गया। चालक को नीचे उतारा गया और पीपीई किट को फाड़कर उसे पानी डालकर होश में लाया। इसके बाद दूसरे चालक के माध्यम से चारों मरीजों को अस्पताल ले जाया गया। यह पहला मामला नहीं है जब पीपीई किट पहने के बाद कोई एंबुलेंस चालक बेहोश हुआ हो। इससे पहले 18 और 20 जुलाई को भी एंबुलेंस चालक पीपीई किट पहने के बाद बेहोश हो चुके हैं।
विज्ञापन
डीएम को ज्ञापन देकर उच्च गुणवत्ता वाली पीपीई किट दिलाए जाने की मांग की गई है। इस पीपीई किट के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों को भी बताया गया है, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
विज्ञापन
- प्रभात यादव, जिलाध्यक्ष जीवन दायिनी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ
अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है कि पीपीई किट मोटे पॉलिथीन की बनी हुई है। इसे पहनकर काम करना बहुत परेशानी भरा है, जबकि अन्य जनपदों में पीपीई किट बहुत अच्छे मानकों वाली है। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
अजय सिंह, प्रोग्राम मैनेजर, 108, 102 एंबुलेंस सेवा