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जनपद में ब्लैक फंगस के संक्रमित मिलने के बाद सक्रिय हुआ सर्विलांस विभाग
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मथुरा। कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच मथुरा में भी लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के ब्लैक फंगस इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को ब्लैक फंगस के दो मामले सामने आने के बाद राया में भी एक युवक इसके संक्रमण से ग्रसित मिला है। ब्लैक फंगस का मामला मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग जानकारी जुटा रहा है।
बताया जा रहा है कि राया निवासी 25 वर्षीय युवक छ: माह पूर्व कोरोना पॉजिटिव हुआ था। इसके बाद वह सही हो गया, लेकिन किन्हीं कारणों से युवक को ब्लैक फंगस हो गया। युवक के परिवारवालों ने दिल्ली एम्स में भी डाक्टरों की सलाह ली है। युवक के ब्रेन में फंगस का अटैक हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का सर्विलांस विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने संक्रमितों से संपर्क किया है। जिला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. मुनीष पौरुष ने बताया कि अभी जनपद में तीन संक्रमितों की जानकारी हुई है। हम पता करने की कोशिश करेंगे कि ब्लैक फंगस से लोग कैसे ग्रसित हुए।
- यह फंगल इंफेक्शन है, जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंफेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। यह शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, एमडी सिटी हॉस्पिटल।
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- जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है या कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉयड लिया हो। वहीं काफी देर आईसीयू में रहे रोगी के साथ ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी को भी यह संक्रमण घेर लेता है। हल्के लक्षण दिखने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। - डॉ. एसपी सिंह, चर्म रोग विशेषज्ञ।
बीमारी के लक्षण
नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए, नाक में सूजन आ जाए, दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें, आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो, सीने में दर्द, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टियां होना तथा कभी-कभी दिमाग पर भी असर होता है।
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बताया जा रहा है कि राया निवासी 25 वर्षीय युवक छ: माह पूर्व कोरोना पॉजिटिव हुआ था। इसके बाद वह सही हो गया, लेकिन किन्हीं कारणों से युवक को ब्लैक फंगस हो गया। युवक के परिवारवालों ने दिल्ली एम्स में भी डाक्टरों की सलाह ली है। युवक के ब्रेन में फंगस का अटैक हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का सर्विलांस विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने संक्रमितों से संपर्क किया है। जिला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. मुनीष पौरुष ने बताया कि अभी जनपद में तीन संक्रमितों की जानकारी हुई है। हम पता करने की कोशिश करेंगे कि ब्लैक फंगस से लोग कैसे ग्रसित हुए।
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- यह फंगल इंफेक्शन है, जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इंफेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। यह शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, एमडी सिटी हॉस्पिटल।
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- जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है या कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉयड लिया हो। वहीं काफी देर आईसीयू में रहे रोगी के साथ ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी को भी यह संक्रमण घेर लेता है। हल्के लक्षण दिखने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। - डॉ. एसपी सिंह, चर्म रोग विशेषज्ञ।
बीमारी के लक्षण
नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए, नाक में सूजन आ जाए, दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें, आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो, सीने में दर्द, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टियां होना तथा कभी-कभी दिमाग पर भी असर होता है।