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धर्मनगरी में बही शास्त्रीय संगीत-नृत्य की सरिता
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 21 Sep 2015 12:17 AM IST
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कान्हा की क्रीड़ास्थली में रविवार को शास्त्रीय संगीत और नृत्य की सरिता बही। यहां वन महाराज कालेज के प्रांगण में स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव का प्रभावी प्रस्तुतियों के साथ आगाज हुआ। एक के बाद एक बेहतरीन प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को बांधे रखा।
महोत्सव का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, संत कुमार स्वामी, आचार्य प्रणय, मनोज पाठक, राम अग्रवाल, उमेश उपाध्याय, पद्म सिंह शर्मा और आचार्य गोपी गोस्वामी ने स्वामी हरिदासजी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन के कण-कण में भक्ति है। जहां कण-कण में भक्ति हो वहां शृंगार और शक्ति की युक्ति होती है।
ब्रज में रस, रास दोनों की अनुपम अभिव्यक्ति है, ऐसे स्थान पर और इस दिव्य महोत्सव में सहभागिता करना मेरा सौभाग्य ही है। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास ने संगीत विधा के माध्यम से बांके बिहारी का प्राकट्य किया। उन्होंने कहा कि संगीत शब्दों का मोहताज नहीं, मन के भावों से संगीत प्रस्फुटित होता है और संगीत के प्रस्फुटित होने से सुर, लय और ताल बनते हैं। संगीत सात सुरों में समाहित है। उन्होंने कहा कि हम देश को सुपर पावर नहीं बल्कि विश्व गुरु बनाना चाहते हैं।
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शुभारंभ के बाद स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य अकादमी के कलाकार अजीत, ज्योति खंडेलवाल, काकुली अधिकारी आदि ने ‘गाइये गणपति जगवंदन...’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। एक के बाद एक प्रस्तुति दी गई। तांडव नृत्य, ठुमरी और तराना की प्रस्तुति उपस्थित जनसमूह को बांधे रही।
कार्यक्रम में श्रीग्रुप के निदेशक राम अग्रवाल, सुरेश कौशिक, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, अमर विद्याश्रम के निदेशक आदित्य बाजपेयी, चौधरी लक्ष्मीनारायण, रविकांत गर्ग, राम किशोर तिवारी, सुनील चतुर्वेदी, गोवर्धन अग्रवाल, संजय शर्मा, उमेश उपाध्याय, कृष्ण मुरारी मोतीवाला, पंडित विजय किशोर मिश्र, मुरली मनोहर कूड़ा, राजेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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महोत्सव का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, संत कुमार स्वामी, आचार्य प्रणय, मनोज पाठक, राम अग्रवाल, उमेश उपाध्याय, पद्म सिंह शर्मा और आचार्य गोपी गोस्वामी ने स्वामी हरिदासजी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन के कण-कण में भक्ति है। जहां कण-कण में भक्ति हो वहां शृंगार और शक्ति की युक्ति होती है।
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ब्रज में रस, रास दोनों की अनुपम अभिव्यक्ति है, ऐसे स्थान पर और इस दिव्य महोत्सव में सहभागिता करना मेरा सौभाग्य ही है। उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास ने संगीत विधा के माध्यम से बांके बिहारी का प्राकट्य किया। उन्होंने कहा कि संगीत शब्दों का मोहताज नहीं, मन के भावों से संगीत प्रस्फुटित होता है और संगीत के प्रस्फुटित होने से सुर, लय और ताल बनते हैं। संगीत सात सुरों में समाहित है। उन्होंने कहा कि हम देश को सुपर पावर नहीं बल्कि विश्व गुरु बनाना चाहते हैं।
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शुभारंभ के बाद स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य अकादमी के कलाकार अजीत, ज्योति खंडेलवाल, काकुली अधिकारी आदि ने ‘गाइये गणपति जगवंदन...’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। एक के बाद एक प्रस्तुति दी गई। तांडव नृत्य, ठुमरी और तराना की प्रस्तुति उपस्थित जनसमूह को बांधे रही।
कार्यक्रम में श्रीग्रुप के निदेशक राम अग्रवाल, सुरेश कौशिक, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, अमर विद्याश्रम के निदेशक आदित्य बाजपेयी, चौधरी लक्ष्मीनारायण, रविकांत गर्ग, राम किशोर तिवारी, सुनील चतुर्वेदी, गोवर्धन अग्रवाल, संजय शर्मा, उमेश उपाध्याय, कृष्ण मुरारी मोतीवाला, पंडित विजय किशोर मिश्र, मुरली मनोहर कूड़ा, राजेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।