{"_id":"57d5a4a84f1c1bbc61318d88","slug":"haridas-sangeet-mahotsav-in-vrindavan","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगीत ही जीवन का सच्चा आधार: स्वामी अवशेषानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगीत ही जीवन का सच्चा आधार: स्वामी अवशेषानंद
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
स्वामी हरिदास संगीत महोत्सव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय हरिदास संगीत सम्मेलन एवं कला रत्न सम्मान में रविवार के कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी अवशेषानंद महाराज ने स्वामी हरिदास महाराज के चित्रपट पर दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन ठाकुर राधासनेह बिहारी मंदिर प्रांगण में अखिल भारतीय स्वामी हरिदास संगीत एवं सांस्कृतिक सम्मेलन संस्थान की ओर से किया जा रहा है।
महामंडलेश्वर स्वामी अवशेषानंद महाराज ने कहा कि संगीत ही जीवन का सच्चा आधार है। वह किसी भी देश या विधा का हो, जिसने संगीत को जीवन का अंग बना लिया उसका जीवन सरल, निर्मल और पवित्र हो जाता है। समारोह में प्रथम प्रस्तुति दिल्ली से आई नृत्यांगना शरण्या चंद्रन ने भरतनाट्यम तोडयम पुष्पांजली गणेश स्तुति से दी। उन्होंने भाव पूर्ण नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की, जिसमें द्वादश स्तोत्र पर आधारित भगवान के दशावतार को बखूबी निभाया।
दूसरी प्रस्तुति मुंबई के वायलिन वादक कैलाश पात्रा ने रागों के माध्यम से दी। इसके बाद मथुरा की गीताजंली शर्मा ने श्रीकृष्णमयी राधा नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसमें ब्रज की लट्ठमार होली और फूल होली का सुंदर प्रदर्शन किया। बनारस के बांसुरी वादक अतुल शंकर ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष आचार्य अतुलकृष्ण गोस्वामी, बिहारीलाल वशिष्ठ, डा. उमेशचंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम, देवेंद्र शर्मा, बालो पंडित, युगल किशोर कटारे, आचार्य बद्रीश, भीकचंद्र गोस्वामी, आनंदगोपाल, कृष्णमुरारी शर्मा आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महामंडलेश्वर स्वामी अवशेषानंद महाराज ने कहा कि संगीत ही जीवन का सच्चा आधार है। वह किसी भी देश या विधा का हो, जिसने संगीत को जीवन का अंग बना लिया उसका जीवन सरल, निर्मल और पवित्र हो जाता है। समारोह में प्रथम प्रस्तुति दिल्ली से आई नृत्यांगना शरण्या चंद्रन ने भरतनाट्यम तोडयम पुष्पांजली गणेश स्तुति से दी। उन्होंने भाव पूर्ण नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की, जिसमें द्वादश स्तोत्र पर आधारित भगवान के दशावतार को बखूबी निभाया।
विज्ञापन
दूसरी प्रस्तुति मुंबई के वायलिन वादक कैलाश पात्रा ने रागों के माध्यम से दी। इसके बाद मथुरा की गीताजंली शर्मा ने श्रीकृष्णमयी राधा नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसमें ब्रज की लट्ठमार होली और फूल होली का सुंदर प्रदर्शन किया। बनारस के बांसुरी वादक अतुल शंकर ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष आचार्य अतुलकृष्ण गोस्वामी, बिहारीलाल वशिष्ठ, डा. उमेशचंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम, देवेंद्र शर्मा, बालो पंडित, युगल किशोर कटारे, आचार्य बद्रीश, भीकचंद्र गोस्वामी, आनंदगोपाल, कृष्णमुरारी शर्मा आदि उपस्थित रहे।