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Mathura News: बारिश के साथ गिरे ओले...तेज हवाओं ने बढ़ाई गलन भरी ठंड
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मौसम में ठंडक बढ़ने और बारिश होने पर बच्चों को ढककर ले जाती महिलाएं।
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मथुरा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शुक्रवार की सुबह से ही मौसम में बदलाव आया। बादल छाए रहने के साथ ही हवाएं चलीं। दोपहर बाद कई स्थानों पर ओले गिरे तो कहीं बारिश हुई। बारिश से गलनभरी ठंड से लोग कांप उठे। शाम को भी कई जगह बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, शनिवार को बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 27 जनवरी से मौसम में बदलाव आने के आसार हैं।
सुबह चार बजे से करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे से रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके बाद कुछ देर सूरज निकला मगर फिर बादल छा गए। पूरे दिन सर्द हवाएं चलती रहीं। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश शुरू हो गईं। इसके बाद दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। सुरीर सहित कई ग्रामीण अंचल में ओले भी गिरे। फसलों पर ओले बिछे नजर आए। इसके अलावा शाम को फि्र से बूंदाबांदी होने के कारण गलनभरी ठंड बढ़ गई। मंदिरों में दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु सर्दी से ठिठुरते हुए पहुंचे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार तक रह सकता है। 27 से 29 जनवरी तक फिर से बारिश होने की संभावना जताई गई है।
किसानों को सताई चिंता
किसानों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए ठीक है, लेकिन अगर तेज बारिश हुई तो सरसों और आलू की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ओले गिरने से भी फसलें प्रभावित होंगी।
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सुबह चार बजे से करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे से रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके बाद कुछ देर सूरज निकला मगर फिर बादल छा गए। पूरे दिन सर्द हवाएं चलती रहीं। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश शुरू हो गईं। इसके बाद दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। सुरीर सहित कई ग्रामीण अंचल में ओले भी गिरे। फसलों पर ओले बिछे नजर आए। इसके अलावा शाम को फि्र से बूंदाबांदी होने के कारण गलनभरी ठंड बढ़ गई। मंदिरों में दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु सर्दी से ठिठुरते हुए पहुंचे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार तक रह सकता है। 27 से 29 जनवरी तक फिर से बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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किसानों को सताई चिंता
किसानों का कहना है कि हल्की बारिश फसलों के लिए ठीक है, लेकिन अगर तेज बारिश हुई तो सरसों और आलू की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ओले गिरने से भी फसलें प्रभावित होंगी।
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