फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Guruji made BLO, how will the session exams be conducted

Mathura News: गुरुजी को बनाया बीएलओ, कैसे संपन्न होंगी सत्र परीक्षाए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
Guruji made BLO, how will the session exams be conducted
कक्षा में पढ़ते बच्चे - फोटो : mathura
मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में प्रथम सत्र की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। इन परीक्षा को आयोजित कराने वाले शिक्षकों को बीएलओ बना दिया गया है। अब यह शिक्षक पांच दिवसीय चुनाव प्रशिक्षण में सहभागिता करेंगे। वहीं जब तक शिक्षक वापस विद्यालयों में आएंगे, तब तक परीक्षाएं संपन्न हो चुकी होंगी।
विज्ञापन

जिले के 1536 कंपोजिट, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.25 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें प्रथम सत्र की परीक्षा सोमवार से 30 अगस्त तक संचालित होगी। इधर, 10 ब्लॉकों के 849 शिक्षकों की डयूटी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए लगा दी गई है। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्होंने प्रश्नपत्र पहले से ही तैयार कर लिए थे। इसके बाद शिक्षकों की डयूटी मतदाता सूची के लिए लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई भी जरूरी है। इसके लिए विद्यालय के अन्य स्टाफ ने शनिवार तक ही तैयारी पूरी कर ली है। कक्षा एक से तीन तक के लिए पांच अंक की लिखित परीक्षा और पांच अंक मौखिक परीक्षा के लिए रहेंगे। इसके अलावा कक्षा 4 और 5 के लिए 7 अंक लिखित और 3 अंक मौखिक के लिए तय किए गए हैं। कक्षा 6 से 8 तक 10 अंक केवल लिखित प्रश्नों के आधार पर मिलेंगे।
विज्ञापन

बीएसए रवींद्र सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में प्रथम सत्र की परीक्षाएं सोमवार से हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की बीएलओ की डयूटी लगाई गई है। परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक और बीईओ को निगरानी के लिए निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


---
शिक्षक के लिए बच्चों की परीक्षाएं कराना भी जरूरी हैं। शिक्षक को सिर्फ शैक्षिक कार्य में लगाना चाहिए, लेकिन शिक्षक का पूरा कार्य बीएलओ और जनगणना में ही चला जाता है।

- दिव्या मिश्रा, जिलाध्यक्ष,महिला शिक्षक संघ
--
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों से अन्य कार्य नहीं कराएं जाएं। वर्तमान में सरकार और अधिकारी शिक्षकों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिक्षक सिर्फ बच्चों को पढ़ाने के लिए हैं।
- डाॅ. कमल कौशिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed