{"_id":"64627661d9880db4b5001394","slug":"green-tree-succumbed-to-negligence-mathura-news-c-29-1-mtr1002-74610-2023-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: लापरवाही की भेंट चढ़ा हरा पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: लापरवाही की भेंट चढ़ा हरा पेड़
विज्ञापन
मथुरा। नगर निगम के वार्ड 32 में चल रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा लापरवाही तो बरती जा रही हैए साथ ही हरे पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से हरे पेड़ों की जड़ों को पहले खोखला किया जाता है उसके बाद उसे धराशायी कर दिया जाता है।
कदंब विहार के राशन कोटा वाली गली स्थित चौराहे पर मकान के बाहर लगा एक हरा पेड़ रविवार को आई आंधी में धराशायी हो गया। मकान स्वामी का कहना है कि पेड़ आंधी के कारण नहीं गिरा है। 15 दिन पहले ठेकेदार के मजदूर ने पेड़ की जड़ की मिट्टी हटाकर उसे खोखला कर दिया था। इसका उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन मजदेरों ने एक न सुनी और जड़ों से पूरी मिट्टी निकाल दी।
रविवार को तेज आंधी को पेड़ झेल नहीं पाया और धराशायी हो गया। पेड़ गिरने के कारण रास्ता भी अवरूद्ध हो गया। जब ठेकेदार उपेंद्र शर्मा से इस बारे में पूछा तो बताया कि मजूदरों के पेड़ उखाड़ने की जानकारी नहीं है। मजदूरों को स्पष्ट कहा गया है कि हरे पेड़ों को बचाकर कार्य किया जाए।
विज्ञापन
यदि हरे पेड़ को उखाड़ा गया तो मंगलवार को क्षेत्रीय वन अधिकारी को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि ठेकेदार की गलती मिली तो नियमानुसार उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- रजनीकांत मित्तल, वन अधिकारी मथुरा
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। ठेकेदार को पहले ही हरे पेड़ों को बचाकर काम करने के निर्देश दिए थे। यदि ठेकेदार की गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश कुमार, जेई, नगर निगम (सिविल)
विज्ञापन
कदंब विहार के राशन कोटा वाली गली स्थित चौराहे पर मकान के बाहर लगा एक हरा पेड़ रविवार को आई आंधी में धराशायी हो गया। मकान स्वामी का कहना है कि पेड़ आंधी के कारण नहीं गिरा है। 15 दिन पहले ठेकेदार के मजदूर ने पेड़ की जड़ की मिट्टी हटाकर उसे खोखला कर दिया था। इसका उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन मजदेरों ने एक न सुनी और जड़ों से पूरी मिट्टी निकाल दी।
विज्ञापन
रविवार को तेज आंधी को पेड़ झेल नहीं पाया और धराशायी हो गया। पेड़ गिरने के कारण रास्ता भी अवरूद्ध हो गया। जब ठेकेदार उपेंद्र शर्मा से इस बारे में पूछा तो बताया कि मजूदरों के पेड़ उखाड़ने की जानकारी नहीं है। मजदूरों को स्पष्ट कहा गया है कि हरे पेड़ों को बचाकर कार्य किया जाए।
विज्ञापन
यदि हरे पेड़ को उखाड़ा गया तो मंगलवार को क्षेत्रीय वन अधिकारी को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि ठेकेदार की गलती मिली तो नियमानुसार उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- रजनीकांत मित्तल, वन अधिकारी मथुरा
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। ठेकेदार को पहले ही हरे पेड़ों को बचाकर काम करने के निर्देश दिए थे। यदि ठेकेदार की गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश कुमार, जेई, नगर निगम (सिविल)