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Mathura News: छाता शुगर मिल के मल्टीयूनिट प्लांट को मिली हरी झंडी
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मथुरा। लंबे समय से बंद पड़ी छाता शुगर मिल के शिलान्यास को हरीझंडी मिल गई है। लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीयूनिट प्लांट की स्थापना की जाएगी। तीन चरणों में स्थापित होने जा रही शुगर मिल में सबसे पहले एथनाॅल उत्पादन होगा। इसके बाद इसमें चीनी और बिजली का उत्पादन होगा। शनिवार को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चाैधरी ने भी जल्द ही मल्टीयूनिट प्लांट के चालू होने के बारे में जानकारी दी थी।
सोमवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि शुगर मिल के शिलान्यास की अटकलों पर विराम लग चुका है। शासन से शुगर मिल में मल्टीयूनिट प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। यह इकाई उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की पहली होगी। एक ही यूनिट में एथनाॅल के साथ चीनी और बिजली का भी उत्पादन होगा।
प्लांट तीन चरणों में शुरू होगा। पहले चरण में 120 केएलपीडी क्षमता का एथनॉल प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट गन्ने के शीरा से एथनॉल का उत्पादन करेगा। गन्ने की अनुपलब्धता की स्थिति में यह मक्का और धान से एथनॉल बनाएगा। यह एथनॉल प्लांट वर्ष में 11 माह तक चलेगा, जिससे प्रति वर्ष 369 लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन होगा।
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गन्ने का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन होने पर प्लांट का दूसरा चरण शुरू होगा। किसानों को भी गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए प्राेत्साहित किया जाएगा। इसके लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है। चीनी उत्पादन के बाद इसका तीसरा चरण शुरू होगा। इसके तहत को-जनरेशन प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस प्लांट से किसानों की समस्या का समाधान होने के साथ ही हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
किसानों से अपील, बहकावे में न आएं
जिलाधिकारी ने किसानों से भी अपील की है कि वह किसी के बहकावे में न आएं। यहां जल्द ही मल्टीयूनिट प्लांट की स्थापना की जाएगा। उन्होंने बताया कि अधीनस्थों को निर्देश दिए गए हैं कि वह माैके पर जाकर किसानों को समझाएं।
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सोमवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि शुगर मिल के शिलान्यास की अटकलों पर विराम लग चुका है। शासन से शुगर मिल में मल्टीयूनिट प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। यह इकाई उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की पहली होगी। एक ही यूनिट में एथनाॅल के साथ चीनी और बिजली का भी उत्पादन होगा।
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प्लांट तीन चरणों में शुरू होगा। पहले चरण में 120 केएलपीडी क्षमता का एथनॉल प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट गन्ने के शीरा से एथनॉल का उत्पादन करेगा। गन्ने की अनुपलब्धता की स्थिति में यह मक्का और धान से एथनॉल बनाएगा। यह एथनॉल प्लांट वर्ष में 11 माह तक चलेगा, जिससे प्रति वर्ष 369 लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन होगा।
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गन्ने का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन होने पर प्लांट का दूसरा चरण शुरू होगा। किसानों को भी गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए प्राेत्साहित किया जाएगा। इसके लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है। चीनी उत्पादन के बाद इसका तीसरा चरण शुरू होगा। इसके तहत को-जनरेशन प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस प्लांट से किसानों की समस्या का समाधान होने के साथ ही हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
किसानों से अपील, बहकावे में न आएं
जिलाधिकारी ने किसानों से भी अपील की है कि वह किसी के बहकावे में न आएं। यहां जल्द ही मल्टीयूनिट प्लांट की स्थापना की जाएगा। उन्होंने बताया कि अधीनस्थों को निर्देश दिए गए हैं कि वह माैके पर जाकर किसानों को समझाएं।