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मैं गोवर्धन कूं जाऊं सखी नांय मांनै मेरो मनुआं
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गोवर्धन में अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के द्वारा निकाली गई गिरिराज पूजा महोत्सव में अप?
- फोटो : MATHURA
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गोवर्धन (मथुरा)। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोवर्धन में मंगलवार को अद्भुत नजारा दिखाई दिया। भारतीय परिधान धारण किए विदेशी भक्तों के मुख से हरिबोल के स्वर के साथ भारतीय संस्कृति की बिखरती छटा देखते ही बनती थी। किसी के सिर पर मटकी थी तो कोई छप्पन भोग की छबरी लेकर यहां आया था।
मौका था अंतरराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा मनाए गए गोवर्धन महोत्सव के दौरान निकाली गई शोभायात्रा का। मंगलवार को गोवर्धन पूजा महोत्सव शोभायात्रा में हजारों भक्त सिर पर मटकी, छप्पन भोग प्रसाद की छबरी लेकर शामिल हुए। हरिनाम संकीर्तन के बीच ये कृष्ण भक्त अपनी सुधबुध खोते नजर आए। भक्तिभाव में गाते-बजाते और नृत्य करते हुए निकले। संत भक्ति वेदांत दंडी स्वामी माधव दास महाराज के सानिध्य में देशी-विदेशी भक्तों ने पंचामृत व दूध से गिरिराज जी का अभिषेक किया। पूजा-अर्चना दसविसा निवासी गिरधारी शर्मा ने कराई।
शोभायात्रा गिरधारी गौड़ीय मठ से शुरू होकर बस स्टैंड, दानघाटी मंदिर, बड़ा बाजार मोदी खाना, हाथी दरवाजा, मानसी गंगा होकर निकाली गई। गिरिराज तलहटी के राजा वाले मंदिर पर गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की। आस्था और विश्वास में भक्ति इस प्रकार प्रस्फुटित हुई कि गिरिराज महाराज के जयकारों की गूंज रही। पारंपरिक गोवर्धन पूजा में भाग लेने के लिए अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड सहित 70 देशों के भक्त शामिल हुए हैं।
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गुरु की शरण में पहुंचकर शुरू की पूजा-अर्चना
गोवर्धन (मथुरा)। गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा गिरिराज जी की पूजा-अर्चना में शामिल हुए भक्तों ने बताया कि उनको गुरुजी की सद् प्रेरणा से यहां आने का अवसर मिलता है। ब्राजील से आईं चंद्रिका देवी दासी ने बताया कि उनको ये नाम गुरुजी ने दिया है। कनाडा से आईं जय दासी ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष से पांच साल से पूजा-अर्चना करने आती हैं। चीन से आई जैस ने बताया कि उनको भारतीय संस्कृति और उससे जुड़े कार्यक्रम अच्छे लगते हैं। भक्ति वेदांत माधव महाराज के अलावा नरसिम्हा महाराज, वन महाराज, गोविंद महाराज, तीर्थ महाराज, श्रीधर महाराज, वरिष्ठ प्रबंधक शुभ ज्योति प्रभु आदि शामिल रहे।
चक्लेश्वर पर गहरे गड्ढे के बीच गिरने से बचे श्रद्धालु
गोवर्धन। गोवर्धन पूजा उत्सव में निकाली गई शोभायात्रा में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जलनिगम की पाइप को ठीक करने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में लोग गिरने से बचे। चक्लेश्वर पर करीब दस दिन से गहरा गड्ढा खुदा है। दिल्ली से आए भक्त राजेंद्र ने बताया कि प्रशासन को गिरिराज पूजा महोत्सव रास्ते को ठीक कराना चाहिए। विदेशी भक्त सुरभि दासी ने बताया कि वे गहरे गड्ढे में गिरने से मुश्किल से बची।
मन में बसे हैं गोपाल जी
गोवर्धन पूजा महोत्सव में पंजाब जालंधर से शामिल होने आईं गीता दासी ने बताया कि वे आठ साल से लगातार गोवर्धन पूजा महोत्सव में शामिल होने यहां आ रही हैं। सबसे पहले आई तो यहां से लड्डू गोपाल लेकर गई थी। वे हर वर्ष लड्डू गोपाल को साथ लेकर आती हैं। गोपाल जी उनके मन में बसे हैं।
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मौका था अंतरराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा मनाए गए गोवर्धन महोत्सव के दौरान निकाली गई शोभायात्रा का। मंगलवार को गोवर्धन पूजा महोत्सव शोभायात्रा में हजारों भक्त सिर पर मटकी, छप्पन भोग प्रसाद की छबरी लेकर शामिल हुए। हरिनाम संकीर्तन के बीच ये कृष्ण भक्त अपनी सुधबुध खोते नजर आए। भक्तिभाव में गाते-बजाते और नृत्य करते हुए निकले। संत भक्ति वेदांत दंडी स्वामी माधव दास महाराज के सानिध्य में देशी-विदेशी भक्तों ने पंचामृत व दूध से गिरिराज जी का अभिषेक किया। पूजा-अर्चना दसविसा निवासी गिरधारी शर्मा ने कराई।
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शोभायात्रा गिरधारी गौड़ीय मठ से शुरू होकर बस स्टैंड, दानघाटी मंदिर, बड़ा बाजार मोदी खाना, हाथी दरवाजा, मानसी गंगा होकर निकाली गई। गिरिराज तलहटी के राजा वाले मंदिर पर गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की। आस्था और विश्वास में भक्ति इस प्रकार प्रस्फुटित हुई कि गिरिराज महाराज के जयकारों की गूंज रही। पारंपरिक गोवर्धन पूजा में भाग लेने के लिए अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड सहित 70 देशों के भक्त शामिल हुए हैं।
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गुरु की शरण में पहुंचकर शुरू की पूजा-अर्चना
गोवर्धन (मथुरा)। गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा गिरिराज जी की पूजा-अर्चना में शामिल हुए भक्तों ने बताया कि उनको गुरुजी की सद् प्रेरणा से यहां आने का अवसर मिलता है। ब्राजील से आईं चंद्रिका देवी दासी ने बताया कि उनको ये नाम गुरुजी ने दिया है। कनाडा से आईं जय दासी ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष से पांच साल से पूजा-अर्चना करने आती हैं। चीन से आई जैस ने बताया कि उनको भारतीय संस्कृति और उससे जुड़े कार्यक्रम अच्छे लगते हैं। भक्ति वेदांत माधव महाराज के अलावा नरसिम्हा महाराज, वन महाराज, गोविंद महाराज, तीर्थ महाराज, श्रीधर महाराज, वरिष्ठ प्रबंधक शुभ ज्योति प्रभु आदि शामिल रहे।
चक्लेश्वर पर गहरे गड्ढे के बीच गिरने से बचे श्रद्धालु
गोवर्धन। गोवर्धन पूजा उत्सव में निकाली गई शोभायात्रा में नगर पंचायत प्रशासन द्वारा जलनिगम की पाइप को ठीक करने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में लोग गिरने से बचे। चक्लेश्वर पर करीब दस दिन से गहरा गड्ढा खुदा है। दिल्ली से आए भक्त राजेंद्र ने बताया कि प्रशासन को गिरिराज पूजा महोत्सव रास्ते को ठीक कराना चाहिए। विदेशी भक्त सुरभि दासी ने बताया कि वे गहरे गड्ढे में गिरने से मुश्किल से बची।
मन में बसे हैं गोपाल जी
गोवर्धन पूजा महोत्सव में पंजाब जालंधर से शामिल होने आईं गीता दासी ने बताया कि वे आठ साल से लगातार गोवर्धन पूजा महोत्सव में शामिल होने यहां आ रही हैं। सबसे पहले आई तो यहां से लड्डू गोपाल लेकर गई थी। वे हर वर्ष लड्डू गोपाल को साथ लेकर आती हैं। गोपाल जी उनके मन में बसे हैं।

मथुरा। गोवर्धन में अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में दूध, दही,- फोटो : MATHURA

गोवर्धन में अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के द्वारा निकाली गई गिरिराज पूजा महोत्सव में उम?- फोटो : MATHURA

मथुरा। गोवर्धन में अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में टोकरी ल?- फोटो : MATHURA