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आज दिन सोने को भयौ महाराज...
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 30 Jan 2017 12:12 AM IST
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मथुरा आकाशवाणी के स्थापना दिवस पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में रंगारंग कार्यक्रम ‘आज दिन सोने को भयौ महाराज’ का शुभारंभ भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी के मंगलाचरण गायन से हुआ। हिंदी-ब्रजभाषा काव्य गोष्ठी, महफिल-ए-मुशायरा भी हुआ।
हिंदी-ब्रजभाषा काव्य गोष्ठी में डा. उमाशंकर राही ने ‘जिंदगी आग का दरिया है...’ से जहां श्रोताओं को सोचने को मजबूर किया, वही वरिष्ठ ब्रजभाषा कवि राधागोविन्द पाठक ने ‘दिव्य कीरत है तेरी-नेक नीयत है तेरी’ रचना से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
काव्यगोष्ठी में कवि डा. सोहनलाल शीतल, ब्रजभाषा कवि डा. श्यामसुन्दर शर्मा ‘अकिंचन’ ने अपनी रचना रखी। गोष्ठी संचालक कवि जितेन्द्र विमल ने किया। इस दौरान विचार गोष्ठी ‘ब्रज क्षेत्र के विकास में आकाशवाणी की भूमिका पर वरिष्ठ प्रसारण कर्मी डा. मोहन स्वरुप भाटिया, डा. नटवर नागर, विजय आर्य ने विचार रखे।
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महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन भी किया गया। इसमें शायर डा. सईद अहमद सईद, जनाब सईद आजमी, जनाब महेन्द्र सक्सेना हुमा और मुशायरे की निजामत कर रहें जनाब दिलशाद अहमद दिलशाद ने अपने कलाम, ‘अपने किरदार निभाती हैं बेटियां’ से सभी श्रोताओं को सोचने को मजबूर किया।
लोक गायिका शालिनी शर्मा और लोक गायक रामेश्वर दयाल शर्मा ने युगल गायन में लोकगीत ‘आज दिन सोने को भयौ महाराज’ प्रस्तुत किया। केंद्राध्यक्ष आकाशवाणी मथुरा राकेश शर्मा, कार्यक्रम प्रमुख डा. देवेन्द्र सारस्वत और कार्यक्रम अधिशासी ओपी सिंह ने स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक विजय सिंह नौलखा ने आभार व्यक्त किया। संचालन राधाबिहारी गोस्वामी ने किया।
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हिंदी-ब्रजभाषा काव्य गोष्ठी में डा. उमाशंकर राही ने ‘जिंदगी आग का दरिया है...’ से जहां श्रोताओं को सोचने को मजबूर किया, वही वरिष्ठ ब्रजभाषा कवि राधागोविन्द पाठक ने ‘दिव्य कीरत है तेरी-नेक नीयत है तेरी’ रचना से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
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काव्यगोष्ठी में कवि डा. सोहनलाल शीतल, ब्रजभाषा कवि डा. श्यामसुन्दर शर्मा ‘अकिंचन’ ने अपनी रचना रखी। गोष्ठी संचालक कवि जितेन्द्र विमल ने किया। इस दौरान विचार गोष्ठी ‘ब्रज क्षेत्र के विकास में आकाशवाणी की भूमिका पर वरिष्ठ प्रसारण कर्मी डा. मोहन स्वरुप भाटिया, डा. नटवर नागर, विजय आर्य ने विचार रखे।
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महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन भी किया गया। इसमें शायर डा. सईद अहमद सईद, जनाब सईद आजमी, जनाब महेन्द्र सक्सेना हुमा और मुशायरे की निजामत कर रहें जनाब दिलशाद अहमद दिलशाद ने अपने कलाम, ‘अपने किरदार निभाती हैं बेटियां’ से सभी श्रोताओं को सोचने को मजबूर किया।
लोक गायिका शालिनी शर्मा और लोक गायक रामेश्वर दयाल शर्मा ने युगल गायन में लोकगीत ‘आज दिन सोने को भयौ महाराज’ प्रस्तुत किया। केंद्राध्यक्ष आकाशवाणी मथुरा राकेश शर्मा, कार्यक्रम प्रमुख डा. देवेन्द्र सारस्वत और कार्यक्रम अधिशासी ओपी सिंह ने स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक विजय सिंह नौलखा ने आभार व्यक्त किया। संचालन राधाबिहारी गोस्वामी ने किया।