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दुल्हन की तरह गोदा अम्मा जी का किया श्रृंगार, लगाई गई केसर हल्दी
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मथुरा। रंगनाथ मंदिर मे विवाह उत्सव के दौरान गोदा अम्मा जी के केश संवारते हुए सेवायत राजू स्वामी।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। रंगनाथजी मंदिर में गोदा अम्माजी के विवाह उत्सव की धूम मची है। यहां विवाह की रस्म निभाई जा रही हैं। शनिवार को दुल्हन की तरह गोदा अम्मा जी का शृंगार किया गया। उनका केसर हल्दी से लेपन किया गया।
मकर संक्रांति से पांच दिन पहले शुरू हुए गोदा अम्मा जी विवाह उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को शृंगार की रस्म निभाई गई। उन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया। फिर दुग्ध दही से अभिषेक किया। उन्हें प्रसन्न करने के लिए केशों में तेल लगाया गया। इस दौरान बीच-बीच में गोदा अम्माजी को दर्पण दिखा कर उनकी संतुष्टि की अनुमति ली जाती रही। इस दौरान महिलाएं विभिन्न तरह के सुहाग के गीत गाती रहीं। यह सब कुछ बहुत ही भावपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। इस मनोहारी दर्शन के लिए भक्त लालायित नजर आए।
इससे पूर्व मां गोदाम्मा जी निज मंदिर से पालकी में विराजमान होकर भगवान रंगनाथ की सन्निधि पहुंचीं, जहां उनको भगवान रंगनाथ की माला और एक आभूषण अर्पित किया गया। इसके बाद मां गोदाम्मा जी की सवारी मधुर वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चारण के मध्य बारहद्वारी स्थित मंडप पर पहुंची। जहां सेवायत राजू स्वामी और रंगा स्वामी ने मां गोदाम्मा जी का त्रिभंजन अभिषेक किया।
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मकर संक्रांति से पांच दिन पहले शुरू हुए गोदा अम्मा जी विवाह उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को शृंगार की रस्म निभाई गई। उन्हें दुल्हन की तरह सजाया गया। फिर दुग्ध दही से अभिषेक किया। उन्हें प्रसन्न करने के लिए केशों में तेल लगाया गया। इस दौरान बीच-बीच में गोदा अम्माजी को दर्पण दिखा कर उनकी संतुष्टि की अनुमति ली जाती रही। इस दौरान महिलाएं विभिन्न तरह के सुहाग के गीत गाती रहीं। यह सब कुछ बहुत ही भावपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। इस मनोहारी दर्शन के लिए भक्त लालायित नजर आए।
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इससे पूर्व मां गोदाम्मा जी निज मंदिर से पालकी में विराजमान होकर भगवान रंगनाथ की सन्निधि पहुंचीं, जहां उनको भगवान रंगनाथ की माला और एक आभूषण अर्पित किया गया। इसके बाद मां गोदाम्मा जी की सवारी मधुर वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चारण के मध्य बारहद्वारी स्थित मंडप पर पहुंची। जहां सेवायत राजू स्वामी और रंगा स्वामी ने मां गोदाम्मा जी का त्रिभंजन अभिषेक किया।
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