{"_id":"6009bad08ebc3e30cf583c1a","slug":"god-keshav-dev-matter-hearing-today-mathura-news-agr4774486171","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज होगी भगवान केशवदेव के केस की सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज होगी भगवान केशवदेव के केस की सुनवाई
विज्ञापन
मथुरा। भगवान केशवदेव द्वारा अपने भक्तगण महेंद्र प्रताप सिंह व अन्य के माध्यम से 13.37 एकड़ जमीन पर किए गए दावे पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई होगी। इस केस की अदालत में सुनवाई की पहली तारीख है। हालांकि अभी तक अन्य मामलों में कोर्ट में दावे दाखिल नहीं हो सके हैं। इस संबंध में सुप्रीमकोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और मनीष यादव भी अदालत में दावा कर चुके हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और अन्य द्वारा विगत 23 जनवरी को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा दाखिल किया गया था। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म भूमि स्थित भगवान केशवदेव को वादी बनाकर दावा दाखिल किया है। यह पहला दावा है जो अदालत में स्वीकार किया गया। अब इस दावे पर सुनवाई की पहली तारीख शुक्रवार को है।
इसमें महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव, श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है। इस संबंध में महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने 13.37 एकड़ जमीन से शाही मस्जिद ईदगाह के हटवाने के उद्देश्य से दावा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट और अन्य द्वारा विगत 23 जनवरी को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा दाखिल किया गया था। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म भूमि स्थित भगवान केशवदेव को वादी बनाकर दावा दाखिल किया है। यह पहला दावा है जो अदालत में स्वीकार किया गया। अब इस दावे पर सुनवाई की पहली तारीख शुक्रवार को है।
विज्ञापन
इसमें महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन, शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव, श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है। इस संबंध में महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने 13.37 एकड़ जमीन से शाही मस्जिद ईदगाह के हटवाने के उद्देश्य से दावा किया है।
विज्ञापन