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जब ‘शनिदेव’ खुद जा पहुंचे थाने...
ब्यूरो अमर उजाला मथुरा/गोवर्धन
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:03 AM IST
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दुनिया में लोग शनिदेव से सुरक्षा की गुजारिश करते हैं लेकिन गोवर्धन में ‘शनिदेव’ खुद फरियाद लेकर थाने पहुंच गए। हैरत में पड़े पुलिसकर्मियों ने तुरंत मामले में राहत प्रदान की।
गिरिराजजी की परिक्रमा के मार्ग में दानघाटी मंदिर से उतरते ही विभिन्न देवताओं की मूर्ति सड़क किनारे लगाकर बंगाल और बिहार के सैकड़ों भिखारी दान के सहारे गुजरबसर करते हैं। इसी में से एक नागेंद्र दास अपने चार वर्षीय बेटे चंपा दास के साथ शनिदेव की प्रतिमा रखकर दान लेते हैं।
शुक्रवार शाम को नागेंद्र दास रिक्शे में प्रतिमा रखकर रोते हुए न्याय की आस में थाने जा पहुंचे। उनके साथ बेटा भी था। नागेंद्र दास ने परिक्रमा मार्ग में बैठे अन्य मूर्तिकार पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाया। थाने में बैठे पुलिस क र्मी शनिदेव की क्षतिग्रस्त प्रतिमा देख हरकत में आए। रिपोर्ट के लिए कार्यालय की तरफ भेजा।
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मूर्ति को नमन करते हुए कार्यालय कर्मियों के निर्देश पर होमगार्ड और पुलिस कर्मी नागेंद्र को साथ लेकर परिक्रमा मार्ग पहुंचे और आरोपी मूर्तिकार को फटकारा। पुलिस को देख मूर्तिकार भी समर्पण की मुद्रा में आ गया और क्षतिग्रस्त मूर्ति को वापस लेकर उसके बदले नकदी वापस करने की बात पर समझौता हुआ। करीब एक घंटे तक शनिदेव की क्षतिग्रस्त प्रतिमा थाना परिसर में ही रिक्शे पर रही।
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गिरिराजजी की परिक्रमा के मार्ग में दानघाटी मंदिर से उतरते ही विभिन्न देवताओं की मूर्ति सड़क किनारे लगाकर बंगाल और बिहार के सैकड़ों भिखारी दान के सहारे गुजरबसर करते हैं। इसी में से एक नागेंद्र दास अपने चार वर्षीय बेटे चंपा दास के साथ शनिदेव की प्रतिमा रखकर दान लेते हैं।
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शुक्रवार शाम को नागेंद्र दास रिक्शे में प्रतिमा रखकर रोते हुए न्याय की आस में थाने जा पहुंचे। उनके साथ बेटा भी था। नागेंद्र दास ने परिक्रमा मार्ग में बैठे अन्य मूर्तिकार पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाया। थाने में बैठे पुलिस क र्मी शनिदेव की क्षतिग्रस्त प्रतिमा देख हरकत में आए। रिपोर्ट के लिए कार्यालय की तरफ भेजा।
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मूर्ति को नमन करते हुए कार्यालय कर्मियों के निर्देश पर होमगार्ड और पुलिस कर्मी नागेंद्र को साथ लेकर परिक्रमा मार्ग पहुंचे और आरोपी मूर्तिकार को फटकारा। पुलिस को देख मूर्तिकार भी समर्पण की मुद्रा में आ गया और क्षतिग्रस्त मूर्ति को वापस लेकर उसके बदले नकदी वापस करने की बात पर समझौता हुआ। करीब एक घंटे तक शनिदेव की क्षतिग्रस्त प्रतिमा थाना परिसर में ही रिक्शे पर रही।