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जीएलए के छात्रों ने मशरूम, आलू और पशुधन के बारे में जाना
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मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय के बीटेक बायोटेक के छात्रों ने आईसीएआर करनाल सीपीआरआई शिमला, डीएमआर सोलन का शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने मशरूम, आलू और पशुधन उत्पादन के बारे में जानकारी एकत्र की।
छात्रों ने आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो करनाल का भ्रमण किया। जहां छात्रों ने जानवरों में आनुवंशिकता, भिन्नता और चिकित्सा आदि के बारे में जाना। भैंस और देशी पशुओं में दुग्ध श्रावण संबंधी जीव विज्ञान के पहलुओं का अध्ययन करने के लिए गैर इनवेसिव उपकरण के बारे में जानकारी हासिल की। यह संपूर्ण जानकारी छात्रों को आईसीएआर-एनबीएजीआर की डॉ. सोनिका अहलावत ने दी।
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) शिमला के भ्रमण के दौरान छात्रों को डॉ. समीर वर्मा ने बताया कि सीपीआरआई आईसीएआर के तहत एक गैर-लाभकारी वैज्ञानिक संस्थान है और विशेष रूप से आलू की फसल पर काम कर रहा है।
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उन्होंने छात्रों को आलू की स्थायी उत्पादकता, गुणवत्ता और उपयोग को बढ़ाने के लिए बुनियादी, रणनीतिक और व्यावहारिक अनुसंधान के बारे में भी बताया। खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) सोलन के भ्रमण के दौरान डॉ. सतीश ने छात्रों को केन्द्र की गतिविधियों एवं कृषि विषय की विस्तृत वैज्ञानिक जानकारी देकर वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हुए छात्रों के जिज्ञासा भरे प्रश्नों का सरल एवं सुबोध भाषा में समाधान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह, शिक्षक डॉ. प्रदीप चौधरी और डॉ. अंजना गोयल आदि शामिल रहे। ब्यूरो
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छात्रों ने आईसीएआर-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो करनाल का भ्रमण किया। जहां छात्रों ने जानवरों में आनुवंशिकता, भिन्नता और चिकित्सा आदि के बारे में जाना। भैंस और देशी पशुओं में दुग्ध श्रावण संबंधी जीव विज्ञान के पहलुओं का अध्ययन करने के लिए गैर इनवेसिव उपकरण के बारे में जानकारी हासिल की। यह संपूर्ण जानकारी छात्रों को आईसीएआर-एनबीएजीआर की डॉ. सोनिका अहलावत ने दी।
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केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) शिमला के भ्रमण के दौरान छात्रों को डॉ. समीर वर्मा ने बताया कि सीपीआरआई आईसीएआर के तहत एक गैर-लाभकारी वैज्ञानिक संस्थान है और विशेष रूप से आलू की फसल पर काम कर रहा है।
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उन्होंने छात्रों को आलू की स्थायी उत्पादकता, गुणवत्ता और उपयोग को बढ़ाने के लिए बुनियादी, रणनीतिक और व्यावहारिक अनुसंधान के बारे में भी बताया। खुंब अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) सोलन के भ्रमण के दौरान डॉ. सतीश ने छात्रों को केन्द्र की गतिविधियों एवं कृषि विषय की विस्तृत वैज्ञानिक जानकारी देकर वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हुए छात्रों के जिज्ञासा भरे प्रश्नों का सरल एवं सुबोध भाषा में समाधान किया। विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह, शिक्षक डॉ. प्रदीप चौधरी और डॉ. अंजना गोयल आदि शामिल रहे। ब्यूरो