वृंदावन (मथुरा)। रंगनाथ मंदिर में शुक्रवार से गोदा अम्मा जी का विवाहोत्सव शुरू हुआ। पहले दिन गोदाम्मा जी अपनी सखियों को निमंत्रण देने हल्दी के पत्ते, हल्दी की ताजा गांठ, पान सुपारी, ताजा फूलों की माला व अन्य शुभ सूचकों को लेकर निज मंदिर से निकलीं। गोदाम्मा जी घूंघट लगाकर मंदिर से निकलकर भगवान रंगनाथ की सन्निधि पर पहुंचीं।
एक महीने तक चलने वाले धनुर्मास के दौरान गोदाम्मा जी भगवान को वर के रूप में प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। इसके फलस्वरूप धनुर्मास के अंत में भगवान से उनका विवाह हुआ। तबसे आज तक उत्तर भारत के प्रथम दिव्यदेश रंगनाथ मंदिर में इस पांच दिवसीय विवाह उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस उत्सव के पहले 4 दिन हल्दी, कुमकुम, गीत झूला आदि के कार्यक्रम होंगे, पांचवें दिन विवाह उत्सव होता है। इस दौरान प्रत्येक दिन भगवान रंगनाथ की माला और एक विशेष आभूषण माता गोदाम्मा जी को पहनाया जाता है। माता गोदाम्मा जी का विवाह उत्सव मकर संक्रांति के अवसर पर पूर्वी द्वार के नजदीक स्थित बारहद्वारी मंडप में होगा।