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Mathura News: निजी कंपनियों का डाटा चोरी कर करोड़ों की धोखाधड़ी
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छाता। कोतवाली क्षेत्र में एक बड़े कॉरपोरेट फ्रॉड का मामला सामने आया है। वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और एसएलएमजी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कंपनी के विधि प्रबंधक देवेश कपूर द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, यह घटना 10 अप्रैल से 16 जून के बीच हुई है। आरोप है कि कंपनी के ही पूर्व कर्मचारियों और उनके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने कंपनी की सेवा के दौरान गोपनीय व्यापारिक डेटा, डिस्ट्रीब्यूटरों, रिटेलरों और ग्राहकों की जानकारी चुराई और कंपनी के लैपटॉप/कंप्यूटर से उस डेटा को डिलीट कर दिया। आरोपियों ने कंपनी के वास्तविक डिस्ट्रीब्यूटरों के नाम पर फर्जी ऑर्डर लेकर माल प्राप्त किया, जिसे उन तक पहुंचाने के बजाय बाजार में बेचकर धनराशि का गबन कर लिया। कंपनी के नाम पर फर्जी एनओसी लेटरहेड, मोहर और हस्ताक्षर बनाकर कंपनी की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया गया।
चुराई गई गोपनीय जानकारी का उपयोग अपनी निजी फर्मों के माध्यम से प्रतिस्पर्धी व्यापार करने में किया गया, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आगरा ने सिकंदरा निवासी विष्णु शर्मा, आगरा कैलाश रोड निवासी अरुण कुमार, मथुरा के जयसिंहपुरा दीपक वार्ष्णेय और 3-4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाली प्रभारी उमेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में जांच जारी है।
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कंपनी के विधि प्रबंधक देवेश कपूर द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, यह घटना 10 अप्रैल से 16 जून के बीच हुई है। आरोप है कि कंपनी के ही पूर्व कर्मचारियों और उनके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचा। आरोपियों ने कंपनी की सेवा के दौरान गोपनीय व्यापारिक डेटा, डिस्ट्रीब्यूटरों, रिटेलरों और ग्राहकों की जानकारी चुराई और कंपनी के लैपटॉप/कंप्यूटर से उस डेटा को डिलीट कर दिया। आरोपियों ने कंपनी के वास्तविक डिस्ट्रीब्यूटरों के नाम पर फर्जी ऑर्डर लेकर माल प्राप्त किया, जिसे उन तक पहुंचाने के बजाय बाजार में बेचकर धनराशि का गबन कर लिया। कंपनी के नाम पर फर्जी एनओसी लेटरहेड, मोहर और हस्ताक्षर बनाकर कंपनी की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया गया।
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चुराई गई गोपनीय जानकारी का उपयोग अपनी निजी फर्मों के माध्यम से प्रतिस्पर्धी व्यापार करने में किया गया, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आगरा ने सिकंदरा निवासी विष्णु शर्मा, आगरा कैलाश रोड निवासी अरुण कुमार, मथुरा के जयसिंहपुरा दीपक वार्ष्णेय और 3-4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोतवाली प्रभारी उमेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में जांच जारी है।
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