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सर्वे में ‘खेल’, नुकसान ज्यादा मुआवजा कम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:39 PM IST
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ओलावृष्टि और बे-मौसम बरसात से प्रभावित फसल के मुआवजे की राशि के निर्धारण पर सवाल उठ रहे हैं। राया ब्लॉक के गांव वंशै के बाद अब गांव कोयला अलीपुर से शिकायत आ रही है।
जनपद के प्रभारी मंत्री दुर्गा प्रसाद ने गांव कोयला अलीपुर में शुक्रवार को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए थे। इसमें 18 बीघा जमीन के मालिक इंद्रजीत को मात्र 2,260 रुपये का चेक दिया गया वहीं नरेश को साढ़े पांच बीघा जमीन पर 12 हजार का चेक मिला। रामो को साढ़े तीन बीघा जमीन पर 2400 रुपये की राशि का चेक मिला। इससे पहले भी राया ब्लॉक के गांव वंशै में शिकायत के बाद मुआवजा राशि के 16 चेक निरस्त किए गए थे। लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लेखपाल को कार्रवाई से बचा लिया गया।
किसानों का कहना है कि शिकायत करने पर लेखपाल कह देता है बाकी राशि बाद में मिलेगी। एक समान मुआवजा निर्धारण में अलग-अलग मापदंड का कारण क्या है। उन्होंने राजस्व कर्मचारियों द्वारा द्वितीय चरण में मुआवजा वितरण में शोषण की आशंका भी जताई है।
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इधर चौमुंहा ब्लाक के गांव आझई में 16 चेक सिंडीकेट बैंक ने वापस कर दिए। इस पर हस्ताक्षर अधिकारी ने तारीख नहीं डाली थी। इन्हें फिर जारी किया गया। पूर्व में छाता ब्लॉक में एक चेक निरस्त हो चुका है।
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जनपद के प्रभारी मंत्री दुर्गा प्रसाद ने गांव कोयला अलीपुर में शुक्रवार को मुआवजा राशि के चेक वितरित किए थे। इसमें 18 बीघा जमीन के मालिक इंद्रजीत को मात्र 2,260 रुपये का चेक दिया गया वहीं नरेश को साढ़े पांच बीघा जमीन पर 12 हजार का चेक मिला। रामो को साढ़े तीन बीघा जमीन पर 2400 रुपये की राशि का चेक मिला। इससे पहले भी राया ब्लॉक के गांव वंशै में शिकायत के बाद मुआवजा राशि के 16 चेक निरस्त किए गए थे। लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लेखपाल को कार्रवाई से बचा लिया गया।
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किसानों का कहना है कि शिकायत करने पर लेखपाल कह देता है बाकी राशि बाद में मिलेगी। एक समान मुआवजा निर्धारण में अलग-अलग मापदंड का कारण क्या है। उन्होंने राजस्व कर्मचारियों द्वारा द्वितीय चरण में मुआवजा वितरण में शोषण की आशंका भी जताई है।
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इधर चौमुंहा ब्लाक के गांव आझई में 16 चेक सिंडीकेट बैंक ने वापस कर दिए। इस पर हस्ताक्षर अधिकारी ने तारीख नहीं डाली थी। इन्हें फिर जारी किया गया। पूर्व में छाता ब्लॉक में एक चेक निरस्त हो चुका है।