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लोहिया आवास की ‘फीस’ 15000, शौचालय की 2000
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:51 PM IST
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साहब! ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी लोहिया आवास के लिए 15000 और शौचालय के लिए 1400 से 2000 रुपये मांगते हैं। बगैर पैसे दिए न तो लोहिया आवास बनवा रहे हैं, न शौचालय। शिकायत की बात कहने पर धमकियां देते हैं।
कलक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे ब्लाक चौमुंहा के गांव सैनवां के ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन से ये शिकायत की। ग्रामीणों के साथ पहुंचीं सपा नेत्री साधना शर्मा ने आरोप लगाया कि गांव में उन्हीं लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है जो ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को सुविधा शुल्क दे देते हैं।
ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के माध्यम से दी जाने वाली सभी सरकारी योजनाओं की कीमत तय कर दी गई है। गरीबों के आवास के लिए 15 हजार रुपये और शौचालय के 2 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। समाजवादी पेंशन के लिए 1000 रुपये लिए जा रहे हैं।
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सोनदेवी, नवल सिंह, कमला देवी, मानिकचंद्र, गयालाल, चादराम, सुनीता, जीवनराम, भूरो सिंह, लीला, राजवती, महादेवी आदि ने बताया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की शिकायत उन्होंने डीपीआरओ से भी की थी लेकिन वह तो उल्टे ग्रामीणों से ही सवाल कर रहे हैं। इस पर वह यहां आए हैं। एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। डीपीआरओ राजेन्द्र प्रसाद का कहना है कि ग्रामीणों ने लिखित में नहीं दिया कि किससे पैसे लिए गए हैं। सिर्फ बयानबाजी कर रहे थे।
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कलक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे ब्लाक चौमुंहा के गांव सैनवां के ग्रामीणों ने एडीएम प्रशासन से ये शिकायत की। ग्रामीणों के साथ पहुंचीं सपा नेत्री साधना शर्मा ने आरोप लगाया कि गांव में उन्हीं लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है जो ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को सुविधा शुल्क दे देते हैं।
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ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के माध्यम से दी जाने वाली सभी सरकारी योजनाओं की कीमत तय कर दी गई है। गरीबों के आवास के लिए 15 हजार रुपये और शौचालय के 2 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। समाजवादी पेंशन के लिए 1000 रुपये लिए जा रहे हैं।
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सोनदेवी, नवल सिंह, कमला देवी, मानिकचंद्र, गयालाल, चादराम, सुनीता, जीवनराम, भूरो सिंह, लीला, राजवती, महादेवी आदि ने बताया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की शिकायत उन्होंने डीपीआरओ से भी की थी लेकिन वह तो उल्टे ग्रामीणों से ही सवाल कर रहे हैं। इस पर वह यहां आए हैं। एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। डीपीआरओ राजेन्द्र प्रसाद का कहना है कि ग्रामीणों ने लिखित में नहीं दिया कि किससे पैसे लिए गए हैं। सिर्फ बयानबाजी कर रहे थे।