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Mathura News: पूर्व कोषाधिकारियों पर भी आ सकती हैं आंच, 10 साल पुराने रिकॉर्ड की होगी जांच
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मथुरा। कोषागार में हुए करीब 2.72 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब 10 साल पुराने रिकॉर्ड की जांच होगी। पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्रों के साथ-साथ उनके बैंक खाते कितनी बार अपडेट किए, ऐसे ही तमाम अभिलेख जांचे जाएंगे। ताकि वित्तीय विसंगतियों का पता लगाया जा सके। इधर, 2.72 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच बुधवार को पूरी होने के आसार हैं। जांच के बाद सहायक लेखाकार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पूर्व कोषाधिकारी पर भी आंच आ सकती है।
बीते शनिवार को अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा महिमा चंद्र ने कोषागार कार्यालय में घोटाले से संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की थी। साथ ही अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। सोमवार और मंगलवार को भी उन्हें फिर से जांच करने के लिए मथुरा आना था, लेकिन किसी कारण से वह नहीं आ सके। दिनभर कोषागार के अधिकारी व कर्मचारी उनके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन मंगलवार शाम को पता चला कि एडी पेंशन मामले की जांच करने बुधवार को आएंगे। हालांकि प्रारंभिक जांच में 1.72 करोड़ रुपये की गड़बडियां मिल चुकी हैं, लेकिन एजी पेंशन प्रयागराज की टीम ने 2.67 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई है। इधर, घोटाले के बाद 10 साल पुराने पेंशनरों के खातों को चेक किया जाएगा और उनके अभिलेख जांचे जाएंगे।
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लक्जारी कारों का शौकीन था सहायक लेखाकार
इधर, घोटाले के बाद गायब सहायक लेखाकार के बारे में कलेक्ट्रेट में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अधिकारी-कर्मचारी तरह-तहर की चर्चाएं कर रहे हैं। किसी ने उसे मेहनती लड़का बताया तो किसी ने कहा कि हर छह माह में वह कार बदलता था। सूत्रों की मानें तो सहायक लेखाकार के पास मंहगी-मंहगी कई कारें हैं। हालांकि इसकी जांच जारी है, जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा। घोटाला खुलने की भनक लगने से वह 24 जनवरी से गायब चल रहा है। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
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बीते शनिवार को अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा महिमा चंद्र ने कोषागार कार्यालय में घोटाले से संबंधित अभिलेखों की जांच पड़ताल की थी। साथ ही अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। सोमवार और मंगलवार को भी उन्हें फिर से जांच करने के लिए मथुरा आना था, लेकिन किसी कारण से वह नहीं आ सके। दिनभर कोषागार के अधिकारी व कर्मचारी उनके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन मंगलवार शाम को पता चला कि एडी पेंशन मामले की जांच करने बुधवार को आएंगे। हालांकि प्रारंभिक जांच में 1.72 करोड़ रुपये की गड़बडियां मिल चुकी हैं, लेकिन एजी पेंशन प्रयागराज की टीम ने 2.67 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई है। इधर, घोटाले के बाद 10 साल पुराने पेंशनरों के खातों को चेक किया जाएगा और उनके अभिलेख जांचे जाएंगे।
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लक्जारी कारों का शौकीन था सहायक लेखाकार
इधर, घोटाले के बाद गायब सहायक लेखाकार के बारे में कलेक्ट्रेट में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अधिकारी-कर्मचारी तरह-तहर की चर्चाएं कर रहे हैं। किसी ने उसे मेहनती लड़का बताया तो किसी ने कहा कि हर छह माह में वह कार बदलता था। सूत्रों की मानें तो सहायक लेखाकार के पास मंहगी-मंहगी कई कारें हैं। हालांकि इसकी जांच जारी है, जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा। घोटाला खुलने की भनक लगने से वह 24 जनवरी से गायब चल रहा है। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
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