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Mathura News: यमुना के बढ़ते जलस्तर से मंडरा रहा बाढ़ का संकट
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यमुना किनारे विश्राम घाट का दृश्य।
- फोटो : mathura
मथुरा। लगातार हो रही बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। ताजेवाला से आ रहे पानी को गोकुल बैराजों से लगातार छोड़े जाने के बावजूद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को यमुना का जलस्तर 164.48 मीटर था, जो शुक्रवार को बढ़कर 164.80 तक पहुंच गया है। हालांकि चेतावनी बिंदु 165.200 पर है। ऐसे में फिलहाल कोई बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन नौहझील और वृंदावन के निचले इलाकों में पानी घुस गया है।
यमुना के बढ़ रहे जलस्तर से भी लोगों को धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरीर, नौहझील, मथुरा शहर, वृंदावन, महावन, बलदेव आते हैं। इन क्षेत्रों के दर्जनों गांव व कॉलोनियां यमुना के किनारे स्थित हैं, जहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ चौकियां को भी सक्रिय करने की तैयारी की जा रही है। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया है कि शुक्रवार को सहारनपुर के हथनी कुंड से 22558 क्यूसेक और ओकला बैराज से 26729 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। करीब 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी मथुरा से आगे के लिए पास किया जा रहा है। यदि मानसून की यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ के हालत बन सकते हैं। इसके लिए जिलेभर में 34 बाढ़ चौकियां बनाईं हैं। वहीं प्रभावितों के लिए 19 स्थानों पर राहत शिविर के लिए जगह चिन्हित की गई है।
आज भी बारिश का पूर्वानुमान
इधर, मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। सुबह से ही बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो सकती है। ऐसे में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। शुक्रवार दोपहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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यमुना के बढ़ रहे जलस्तर से भी लोगों को धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरीर, नौहझील, मथुरा शहर, वृंदावन, महावन, बलदेव आते हैं। इन क्षेत्रों के दर्जनों गांव व कॉलोनियां यमुना के किनारे स्थित हैं, जहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ चौकियां को भी सक्रिय करने की तैयारी की जा रही है। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया है कि शुक्रवार को सहारनपुर के हथनी कुंड से 22558 क्यूसेक और ओकला बैराज से 26729 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। करीब 20 हजार क्यूसेक से अधिक पानी मथुरा से आगे के लिए पास किया जा रहा है। यदि मानसून की यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ के हालत बन सकते हैं। इसके लिए जिलेभर में 34 बाढ़ चौकियां बनाईं हैं। वहीं प्रभावितों के लिए 19 स्थानों पर राहत शिविर के लिए जगह चिन्हित की गई है।
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आज भी बारिश का पूर्वानुमान
इधर, मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। सुबह से ही बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो सकती है। ऐसे में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। शुक्रवार दोपहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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