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Mathura News: नीचे बाढ़, ऊपर से बरसात का पानी
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परिक्रमा मार्ग पर चलती नाव।
वृंदावन। यूं तो वृंदावन में यमुना का पानी कई दिनों से लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था, लेकिन शुक्रवार को जहां एक ओर यमुना नदी ने भृकुटि तानीं तो इंद्रदेव भी उनके साथ खूब गरजे। करीब एक घंटे तक बरसे पानी ने वृंदावन में आफत मचा दी। हर ओर पानी ही पानी नजर आने लगा। जिन इलाकों में यमुना का पानी नहीं पहुंचा, वहां बारिश की वजह से जलभराव हो गया।
लोग कभी यमुना महारानी से तो कभी राधारानी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहे हैं। दरअसल हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब पूरी तरह यमुना किनारे बसी कॉलोनियों और परिक्रमा मार्ग में दिखाई दे रहा है। परिक्रमा मार्ग के कई रास्तों पर पानी भर गया है। खादर में बनी कॉलोनियों का बुरा हाल है। कई लोग अभी अपने घरों की छतों पर ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी लगातार बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं।
घाटों और आश्रय स्थल का किया निरीक्षण
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार समेत अन्य अधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के साथ-साथ लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने कालीदह मार्ग, जगन्नाथ घाट, देवराहा बाबा घाट, केसी घाट आदि का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत भी की। जो लोग अभी तक घाटों के किनारों से नहीं हटे हैं, उन्हें भी समझाया और जल्द ही हटने के निर्देश दिए।
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लोगों के घरों में तीन फुट तक भरा पानी
वृंदावन में दो दर्जन कॉलोनियों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में पहुंच गया है। वह रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान हैं। पानी के कारण उन्होंने छतों पर रहने का इंतजाम कर रखा है, लेकिन बारिश ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
लोगों और पशुओं को किया जा रहा सुरक्षित
जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि जिन इलाकों में पानी भरा गया है, वहां से लोगों को नाव और स्टीमर की सहायता से आश्रय स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। उनके सामान के लिए निगम के ट्रैक्टरों को लगाया गया है। किसी को भी परेशानी हो तो अधिकारियों को या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित किया जा सकता है।
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लोग कभी यमुना महारानी से तो कभी राधारानी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहे हैं। दरअसल हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब पूरी तरह यमुना किनारे बसी कॉलोनियों और परिक्रमा मार्ग में दिखाई दे रहा है। परिक्रमा मार्ग के कई रास्तों पर पानी भर गया है। खादर में बनी कॉलोनियों का बुरा हाल है। कई लोग अभी अपने घरों की छतों पर ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी लगातार बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं।
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घाटों और आश्रय स्थल का किया निरीक्षण
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार समेत अन्य अधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के साथ-साथ लोगों से बातचीत भी कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने कालीदह मार्ग, जगन्नाथ घाट, देवराहा बाबा घाट, केसी घाट आदि का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत भी की। जो लोग अभी तक घाटों के किनारों से नहीं हटे हैं, उन्हें भी समझाया और जल्द ही हटने के निर्देश दिए।
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लोगों के घरों में तीन फुट तक भरा पानी
वृंदावन में दो दर्जन कॉलोनियों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में पहुंच गया है। वह रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान हैं। पानी के कारण उन्होंने छतों पर रहने का इंतजाम कर रखा है, लेकिन बारिश ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
लोगों और पशुओं को किया जा रहा सुरक्षित
जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि जिन इलाकों में पानी भरा गया है, वहां से लोगों को नाव और स्टीमर की सहायता से आश्रय स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। उनके सामान के लिए निगम के ट्रैक्टरों को लगाया गया है। किसी को भी परेशानी हो तो अधिकारियों को या हेल्पलाइन नंबर पर सूचित किया जा सकता है।