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एआरटीओ कार्यालय में लगी आग, रिकार्ड राख

Mon, 16 May 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 16 May 2016 11:44 PM IST
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fire in mathura arto
एआरटीओ कार्यालय में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
थाना रिफाइनरी क्षेत्र के रांची बांगर स्थित एआरटीओ कार्यालय के ऊपरी मंजिल पर बने रिकार्ड रूम में सोमवार तड़के 3:15 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग से पुराने वाहनों से संबंधित पत्रावलियां जल गईं। हालांकि एआरटीओ प्रशासन इनके पहले से ही कंप्यूटर में फीड होने की बात कह रहे हैं। आग को बुझाने में फायर ब्रिगेड की छह दमकलें लगीं और तीन घंटे में काबू कर सकीं। 
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जुलाई, 2013 में एआरटीओ कार्यालय नई इमारत में शिफ्ट हुआ था। दो मंजिला कार्यालय की इमारत में ऊपरी मंजिल पर रिकार्ड रूम के रूप में प्रयोग किए जा रहे तीन कमरों में सन 1989 से लेकर 10 साल पुराने सरेंडर होने वाले, कामर्शियल व अन्य वाहन, ट्रांसफर की पत्रावलियां, एनओसी, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस अनुभाग की पत्रावलियां रखी थीं। इन्हीं में तड़के 3:15 बजे आग लग गई। तीन कमरों और बरामदे में रखा रिकार्ड जल गया। आग से ऊपरी मंजिल की छत और दीवार भी चटक गई। 
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रांची बांगर के स्थानीय लोगों ने निकट में शिविर किए हुए सीआरपीएफ की 16 बटालियन में गार्ड ड्यूटी कर रहे जवानों को जानकारी दी। जवानाें ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और आग बुझाने में जुट गए। आधा घंटे में फायर ब्रिगेड की छह दमकलें मौके पर पहुंच गईं और आग पर काबू पाया।
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इसके बाद सोमवार को पूरे दिन कर्मचारी, मजदूरों के साथ जले हुए रिकार्ड को निकलवाने और सफाई आदि में लगे रहे। तो पूरे दिन कोई सरकारी काम नहीं हो सका। आग के कारणों की जांच करने और नुकसान का जायजा लेने के लिए आरटीओ आगरा भी मथुरा आफिस पहुंचे। 

एआरटीओ कार्यालय के ऊपरी मंजिल पर आग लगी थी। इसमें लाइसेंस, प्रवर्तन और लेखागार का रिकार्ड जल गया है। आग लगने से वाहनों के सत्यापन आदि का कोई काम नहीं रुकेगा। पुराने वाहनों का सारा रिकार्ड डाटा पहले से ही कंप्यूटरों में फीड है और ऑनलाइन है। 
-रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन 

साजिश की आशंका
 हालांकि एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह आग में नष्ट हुए रिकार्ड के कंप्यूटर में फीड होने की बात कहते हैं लेकिन रिकार्ड रूम में आग के पीछे साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।आग लगने पर मौके पर सबसे पहले निकट ही रांची बांगर से 16 बटालियन सीआरपीएफ के जवान और स्थानीय महिलाएं पहुंची थीं। बताया गया कि उन्हें कार्यालय के पीछे एक बांस की सीढ़ी और टॉर्च मिली। कार्यालय की इमारत में चौकीदार सदर बाजार निवासी ओमप्रकाश तब भी सोया हुआ था। इससे साजिश की आशंका जताई जा रही है। आरटीओ आगरा जगदीश सिंह कुशवाहा सोमवार दोपहर को मथुरा आए और चौकीदार से पूछताछ की। इसके बाद मामला संदिग्ध मानते हुए चौकीदार को निलंबित कर दिया। आरटीओ ने बताया कि आग के कारणों की जांच कराई जा रही है।

 
दिखावटी था फायर फाइटिंग सिस्टम 
एआरटीओ कार्यालय की इमारत ढाई साल पूर्व ही बनकर तैयार हुई है। फायर फाइटिंग नियमावली के तहत 2005 से सभी सरकारी इमारतों में आग से बचाव से संबंधित उपकरण लगाए जाते हैं। एआरटीओ की इमारत में फायर अलार्म तो लगा था लेकिन वह बजा नहीं। यहां आग बुझाने के लिए पाइप लाइन आदि का भी कोई इंतजाम नहीं था।


काम लायक नहीं थे फायर एक्सटिंग्युशर 
एआरटीओ कार्यालय में आग बुझाने के लिए छह फायर एक्सटिंग्युशर टंगे हैं। लेकिन उन सबको प्रयोग करने की अंतिम तिथि 24 अक्तूबर, 2015 थी। इनमें से दो उपकरण तो एआरटीओ के कार्यालय के दरवाजे के बगल में ही टंगे हैं। 
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