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बुखार ने किया बेदम
ब्यूरो,अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:58 PM IST
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जिले में चिकनगुनिया और वायरल ने हमला बोल दिया है। इसकी चपेट में आए लोग कराह रहे हैं। शहर और गांव में घर-घर मरीज हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में रोगियों की कतार लगी है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सौ शय्या अस्पताल में मरीजों की भीड़ है। हर कोई बुखार से कराह रहा है।
इधर टैंटीगांव में गुरुवार को तेज बुखार से बालिका की मौत हो गई। डोरीलाल बारवर की 12 वर्षीय पुत्री भावना को गुरुवार की सुबह तेज बुखार आया था। चिकित्सक को दिखाया गया। शाम को बच्ची की मौत हो गई। वृंदावन के देवी आटस में भी एक किशोर की मौत बुखार के चलते होने की बात कही जा रही है।
जिला अस्पताल में बुखार के रोगियों की संख्या में 20 फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस समय 1000 से 1100 रोगियों तक की ओपीडी की जा रही है। वायरल से पहले ये संख्या प्रतिदिन 800 से 900 तक थी।
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वहीं जिला कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार अब तक चिकित्सकों की टीमें चंदनवन, चंद्रपुरी, नारायणपुरी, नटवर नगर, हनुमान नगर के अलावा देहात में मगोर्रा, बछगांव, मांट, आजनौंख, बाजना, नौहझील सहित करीब 12 स्थानों पर कैंप कर चुकी हैं। इनमें लगभग 800 रोगियों का परीक्षण किया जा चुका है। वहीं मलेरिया विभाग ने 250 से अधिक रोगियों की स्लाइड बनाई है।
जिला कंट्रोल रूम के प्रभारी डा. मुकेश लवानियां ने बताया कि वायरल के तेजी से फैलने की वजह गंदे पानी का जमा होना है।
वृंदावन में बुखार से एक की मौत
गांव देवी आटस में किशोर की मौत हो गई। परिवारीजन बच्चे की मौत डेंगू से बता रहे हैं। गिरधारीलाल शर्मा का पुत्र विष्णु शर्मा (14) पिछले दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। हालत बिगड़ने पर स्थानीय नर्सिंग होम से उसे आगरा रेफर किया गया। विष्णु को आगरा के एमजी रोड स्थित जीजीएमआई में भर्ती कराया गया जहां उसकी गुरुवार सुबह मौत हो गई। परिवारीजन बालक की मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं।
हालांकि सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डा. एसके मजूमदार के अनुसार जीजीएमआई हास्पिटल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र मौत का कारण सेफ्टीसीनिया इन्फेक्शन बताया गया है। इधर डेंगू से मौत की चर्चाओं के बीच गांव में आशंका का माहौल है।
अस्पताल में रोगियों की कतार लगी है। अधिकांश वायरल के शिकार रोगी आ रहे है। सीएमओ कार्यालय ने डेंगू किट उपलब्ध करा दी है। संभावित रोगियों की जांच कराई जा रही है। बुखार के रोगी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। ऐसे में एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। अभी तक डेंगू, चिकनगुनिया का कोई मरीज पाजिटिव पाया गया है।
-डा. अमिताभ पांडेय, सीएमएस, महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल
चिकित्सकों की सलाह
-अपने घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
-कूलर में पानी को प्रतिदिन साफ करें।
-बुखार के रोगी को हवादार कमरे में रखें।
-दूसरे लोग उससे कम से कम संपर्क में आयें।
-खान-पान पर विशेष ध्यान रखें।
-बासी खाना या खुले में रखे खाने का सेवन न करें।
टैंटीगांव में तेज बुखार से किशोरी की मौत
कस्बा टैंटीगांव और मांट सहित आसपास के कई गांवों में इस समय चिकनगुनिया, वायरल, मलेरिया फैला हुआ है। कस्बा टैंटीगांव में राजू दूधिया (56), सुशील (32), गीता देवी (33), खुशबू (16), कृष्णा (15), माताचरन (56) आदि चिकनगुनिया वायरल से परेशान है। गांव राजागढ़ी, तुलागढ़ी, भदनवारा, नगला जयसिंह, लौहई, भालई, डडीसरा, डडीसरी, कराहरी, खंजरावास, बदनपुर, महमूदगढी, खायरा आदि गांवों में तेजी से बुखार फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बुखार के साथ ही लंगड़ापन शुरू हो जाता है।
मांट के मांट मूला और मांट राजा में गोपाल तिवारी, जौंटी सारस्वत, लोकेश सारस्वत, अशोक रावत, हरीश चंद, मोहंता, अरुण रावत, अफसर खान कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। डांगौली में मोहन सिंह, करन सिंह, बदन सिंह, जाबिद, असरफ बीमार हैं। गांव जहांगीरपुर और बेगमपुर में भी तेजपाल, मोहन सिंह, किशन, हरेन्द्र सिंह, तालेवर, अशोक चौधरी आदि बुखार से पीड़ित हैं। गांव नगला भीम, पपरेला, अर्रुआ, देवनगर. बालकिशन गढ़ी, नगला बैसला, नंद नगरिया, जनकपुर, आशागढ़ी आदि में घर-घर मरीजों की चारपाई बिछी हैं।
सौंख के गांव बछगांव में फैला बुखार
मुख्यालय से पहुंची चिकित्सकों की टीम, 67 रोगियों का परीक्षण किया
मगोर्रा के बाद अब सौंख क्षेत्र के गांव बछगांव में बुखार ने अपने पैर पसार लिए है। यहां घर-घर रोगियों की चारपाई बिछी है। बुखार के चलते लोग चल-फिर नहीं पा रहे है। रोगियों में अधिकांश बच्चे, महिलाएं है।
सीएमओ कार्यालय के कंट्रोल रूम में सूचना आने पर गुरुवार को डा. मेघश्याम गौतम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल संक्रामक रोग विशेषज्ञ डा. हिमांशु मिश्रा, डा. रमन वर्मा ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव, गंदे पानी के जमा होने के चलते मच्छर पनप रहे हैं, जो बुखार का कारण बन रहे हैं।
गांव में कैंप लगाकर 67 बुखार के रोगियों का परीक्षण किया गया है। सभी मरीजों को दवा दी गई है। हिदायत दी गई है कि अगर किसी ग्रामीण का बुखार नहीं टूट रहा है तो वो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल में अपना नियमित उपचार करायें।
गांव में गंदगी और गंदे पानी के जमा होने पर मलेरिया विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कराया। टीम में राजेंद्र यादव, हरचरण मीणा, नवल सिंह, बहादुर, मंजीत, रमेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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इधर टैंटीगांव में गुरुवार को तेज बुखार से बालिका की मौत हो गई। डोरीलाल बारवर की 12 वर्षीय पुत्री भावना को गुरुवार की सुबह तेज बुखार आया था। चिकित्सक को दिखाया गया। शाम को बच्ची की मौत हो गई। वृंदावन के देवी आटस में भी एक किशोर की मौत बुखार के चलते होने की बात कही जा रही है।
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जिला अस्पताल में बुखार के रोगियों की संख्या में 20 फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस समय 1000 से 1100 रोगियों तक की ओपीडी की जा रही है। वायरल से पहले ये संख्या प्रतिदिन 800 से 900 तक थी।
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वहीं जिला कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार अब तक चिकित्सकों की टीमें चंदनवन, चंद्रपुरी, नारायणपुरी, नटवर नगर, हनुमान नगर के अलावा देहात में मगोर्रा, बछगांव, मांट, आजनौंख, बाजना, नौहझील सहित करीब 12 स्थानों पर कैंप कर चुकी हैं। इनमें लगभग 800 रोगियों का परीक्षण किया जा चुका है। वहीं मलेरिया विभाग ने 250 से अधिक रोगियों की स्लाइड बनाई है।
जिला कंट्रोल रूम के प्रभारी डा. मुकेश लवानियां ने बताया कि वायरल के तेजी से फैलने की वजह गंदे पानी का जमा होना है।
वृंदावन में बुखार से एक की मौत
गांव देवी आटस में किशोर की मौत हो गई। परिवारीजन बच्चे की मौत डेंगू से बता रहे हैं। गिरधारीलाल शर्मा का पुत्र विष्णु शर्मा (14) पिछले दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। हालत बिगड़ने पर स्थानीय नर्सिंग होम से उसे आगरा रेफर किया गया। विष्णु को आगरा के एमजी रोड स्थित जीजीएमआई में भर्ती कराया गया जहां उसकी गुरुवार सुबह मौत हो गई। परिवारीजन बालक की मौत का कारण डेंगू बता रहे हैं।
हालांकि सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डा. एसके मजूमदार के अनुसार जीजीएमआई हास्पिटल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र मौत का कारण सेफ्टीसीनिया इन्फेक्शन बताया गया है। इधर डेंगू से मौत की चर्चाओं के बीच गांव में आशंका का माहौल है।
अस्पताल में रोगियों की कतार लगी है। अधिकांश वायरल के शिकार रोगी आ रहे है। सीएमओ कार्यालय ने डेंगू किट उपलब्ध करा दी है। संभावित रोगियों की जांच कराई जा रही है। बुखार के रोगी जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। ऐसे में एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। अभी तक डेंगू, चिकनगुनिया का कोई मरीज पाजिटिव पाया गया है।
-डा. अमिताभ पांडेय, सीएमएस, महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल
चिकित्सकों की सलाह
-अपने घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
-कूलर में पानी को प्रतिदिन साफ करें।
-बुखार के रोगी को हवादार कमरे में रखें।
-दूसरे लोग उससे कम से कम संपर्क में आयें।
-खान-पान पर विशेष ध्यान रखें।
-बासी खाना या खुले में रखे खाने का सेवन न करें।
टैंटीगांव में तेज बुखार से किशोरी की मौत
कस्बा टैंटीगांव और मांट सहित आसपास के कई गांवों में इस समय चिकनगुनिया, वायरल, मलेरिया फैला हुआ है। कस्बा टैंटीगांव में राजू दूधिया (56), सुशील (32), गीता देवी (33), खुशबू (16), कृष्णा (15), माताचरन (56) आदि चिकनगुनिया वायरल से परेशान है। गांव राजागढ़ी, तुलागढ़ी, भदनवारा, नगला जयसिंह, लौहई, भालई, डडीसरा, डडीसरी, कराहरी, खंजरावास, बदनपुर, महमूदगढी, खायरा आदि गांवों में तेजी से बुखार फैला हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बुखार के साथ ही लंगड़ापन शुरू हो जाता है।
मांट के मांट मूला और मांट राजा में गोपाल तिवारी, जौंटी सारस्वत, लोकेश सारस्वत, अशोक रावत, हरीश चंद, मोहंता, अरुण रावत, अफसर खान कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। डांगौली में मोहन सिंह, करन सिंह, बदन सिंह, जाबिद, असरफ बीमार हैं। गांव जहांगीरपुर और बेगमपुर में भी तेजपाल, मोहन सिंह, किशन, हरेन्द्र सिंह, तालेवर, अशोक चौधरी आदि बुखार से पीड़ित हैं। गांव नगला भीम, पपरेला, अर्रुआ, देवनगर. बालकिशन गढ़ी, नगला बैसला, नंद नगरिया, जनकपुर, आशागढ़ी आदि में घर-घर मरीजों की चारपाई बिछी हैं।
सौंख के गांव बछगांव में फैला बुखार
मुख्यालय से पहुंची चिकित्सकों की टीम, 67 रोगियों का परीक्षण किया
मगोर्रा के बाद अब सौंख क्षेत्र के गांव बछगांव में बुखार ने अपने पैर पसार लिए है। यहां घर-घर रोगियों की चारपाई बिछी है। बुखार के चलते लोग चल-फिर नहीं पा रहे है। रोगियों में अधिकांश बच्चे, महिलाएं है।
सीएमओ कार्यालय के कंट्रोल रूम में सूचना आने पर गुरुवार को डा. मेघश्याम गौतम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची। टीम में शामिल संक्रामक रोग विशेषज्ञ डा. हिमांशु मिश्रा, डा. रमन वर्मा ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव, गंदे पानी के जमा होने के चलते मच्छर पनप रहे हैं, जो बुखार का कारण बन रहे हैं।
गांव में कैंप लगाकर 67 बुखार के रोगियों का परीक्षण किया गया है। सभी मरीजों को दवा दी गई है। हिदायत दी गई है कि अगर किसी ग्रामीण का बुखार नहीं टूट रहा है तो वो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर जिला अस्पताल में अपना नियमित उपचार करायें।
गांव में गंदगी और गंदे पानी के जमा होने पर मलेरिया विभाग की टीम ने दवा का छिड़काव कराया। टीम में राजेंद्र यादव, हरचरण मीणा, नवल सिंह, बहादुर, मंजीत, रमेश चौधरी आदि मौजूद रहे।