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भारत में पहली बार 170 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ी ट्रेन
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:13 AM IST
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- फोटो : ब्यूरो/ मथुरा
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टेल्गो ट्रेन ने मंगलवार को रेलवे के इतिहास में दर्ज हो गई। यह ट्रेन मंगलवार शाम को 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी। भारत में पहली बार इतनी स्पीड पर कोई ट्रेन ट्रैक पर दौड़ी है। इस उपलब्धि पर रेलवे के अधिकारियों में खुशी का माहौल है।
मंगलवार को टेल्गो ट्रेन जंक्शन रेलवे स्टेशन से रूंधी रेलवे स्टेशन के लिए शाम को 4:16 बजे 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से रवाना हुई। रूंधी रेलवे स्टेशन पर यह ट्रेन 4:55 बजे पहुंची। ट्रेन के 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने के चलते ट्रेन मात्र 39 मिनट में ही 74 किमी की दूरी तय कर ली।
डीजल इंजन के साथ पहली बार कोई ट्रेन देश में 170 किमी की स्पीड से रेल ट्रैक पर दौड़ी है। इस उपलब्धि पर ट्रेन के साथ चले लोको पायलट सुजीत पाठक, विवेक शर्मा और गार्ड एसके मिश्रा काफी खुश दिखाई दिए। लोको पायलट विवेक शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर वे बेहद खुश हैं।
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गतिमान को पीछे छोड़ा
नई दिल्ली-आगरा रूट पर अब तक ट्रेन की सबसे अधिक गति 160 किमी है। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट के लिए चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस को यह उपलब्धि हासिल है। हालांकि गतिमान एक्सप्रेस को ओएचई इंजन से चलाया जाता है। जबकि टेल्गो को डीजल इंजन से चलाया गया था। इसलिए यह गति अपने आप में रिकार्ड है।
जंपिंग के साथ भी किया गया चेक
टेल्गो को मंगलवार की दोपहर में छाता के निकट आझई रेलवे स्टेशन पर जंपिंग के साथ चलाकर चेक किया गया। इस दौरान रेल ट्रैक पर करीब एक इंच मोटा और छह इंच लंबा लोहे का टुकड़ा रखा गया। इसके बाद इंजन के पिछले पहियों को इस पर से निकाला गया। यह जांच इसलिए की गई थी ताकि पता लग सके कि इस तरह के गतिरोध से टेल्गो का क्या असर होता है।
टेल्गो ने चौथे दिन के ट्रायल में ही गतिमान को पीछे छोड़ दिया है। देश के इतिहास में पहली बार कोई ट्रेन 170 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ी है। अब टेल्गो को और अधिक स्पीड पर दौड़ाया जाएगा।
- दिलीप कुमार सिंह
एडीआरएम, आगरा मंडल
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मंगलवार को टेल्गो ट्रेन जंक्शन रेलवे स्टेशन से रूंधी रेलवे स्टेशन के लिए शाम को 4:16 बजे 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से रवाना हुई। रूंधी रेलवे स्टेशन पर यह ट्रेन 4:55 बजे पहुंची। ट्रेन के 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने के चलते ट्रेन मात्र 39 मिनट में ही 74 किमी की दूरी तय कर ली।
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डीजल इंजन के साथ पहली बार कोई ट्रेन देश में 170 किमी की स्पीड से रेल ट्रैक पर दौड़ी है। इस उपलब्धि पर ट्रेन के साथ चले लोको पायलट सुजीत पाठक, विवेक शर्मा और गार्ड एसके मिश्रा काफी खुश दिखाई दिए। लोको पायलट विवेक शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर वे बेहद खुश हैं।
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गतिमान को पीछे छोड़ा
नई दिल्ली-आगरा रूट पर अब तक ट्रेन की सबसे अधिक गति 160 किमी है। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट के लिए चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस को यह उपलब्धि हासिल है। हालांकि गतिमान एक्सप्रेस को ओएचई इंजन से चलाया जाता है। जबकि टेल्गो को डीजल इंजन से चलाया गया था। इसलिए यह गति अपने आप में रिकार्ड है।
जंपिंग के साथ भी किया गया चेक
टेल्गो को मंगलवार की दोपहर में छाता के निकट आझई रेलवे स्टेशन पर जंपिंग के साथ चलाकर चेक किया गया। इस दौरान रेल ट्रैक पर करीब एक इंच मोटा और छह इंच लंबा लोहे का टुकड़ा रखा गया। इसके बाद इंजन के पिछले पहियों को इस पर से निकाला गया। यह जांच इसलिए की गई थी ताकि पता लग सके कि इस तरह के गतिरोध से टेल्गो का क्या असर होता है।
टेल्गो ने चौथे दिन के ट्रायल में ही गतिमान को पीछे छोड़ दिया है। देश के इतिहास में पहली बार कोई ट्रेन 170 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ी है। अब टेल्गो को और अधिक स्पीड पर दौड़ाया जाएगा।
- दिलीप कुमार सिंह
एडीआरएम, आगरा मंडल