{"_id":"4bf940726f6b8cd2178e401fd7d94f79","slug":"farmers-block-the-expressway-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने फिर थामी एक्सप्रेसवे की रफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने फिर थामी एक्सप्रेसवे की रफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 15 Apr 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वितरित किए जा रहे मुआवजे से असंतुष्ट किसानों ने लगातार दूसरे दिन एक्सप्रेसवे को जाम कर दिया। बाजना के गांव कटेलिया के निकट पुल 65 पर पहुंचे बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठ गए। करीब ढाई घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। अधिकारियों की ओर से शासन तक किसानों की बात पहुंचाने और जल्द निर्धारित से अधिक मुआवजा दिलवाने के आश्वासन पर किसान एक्सप्रेसवे से हटे।
मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे ही किसान नेता रामबाबू सिंह कटैलिया के नेतृत्व में किसानों ने एक्सप्रेसवे पर कब्जा कर लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुईं। समय के साथ मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। किसानों की मांग थी कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसल का मुआवजा 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर पच्चीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाए।
नुकसान का आकलन 80 फीसदी से बढ़ाकर सौ फीसदी किया जाए। रामबाबू सिंह कटैलिया ने शासन-प्रशासन पर क्षेत्र के किसानों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया।
सुबह 10 बजे एडीएम धीरेन्द्र सचान, उपजिलाधिकारी मांट विश्व भूषण मिश्रा, एसपी आरए अनिल पांडेय आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने शासन तक किसानों की बात पहुंचाने और जल्द ही निर्धारित मुआवजे से बढ़कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो लोग एक्सप्रेसवे से हटे। प्रदर्शन में महेन्द्र सिंह, महेश सिंह, देशराज सिंह, अनीश पहलवान, नरेन्द्र कुमार, भोला चौधरी, बच्चू सिंह आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे ही किसान नेता रामबाबू सिंह कटैलिया के नेतृत्व में किसानों ने एक्सप्रेसवे पर कब्जा कर लिया। बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुईं। समय के साथ मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। किसानों की मांग थी कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसल का मुआवजा 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर पच्चीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किया जाए।
विज्ञापन
नुकसान का आकलन 80 फीसदी से बढ़ाकर सौ फीसदी किया जाए। रामबाबू सिंह कटैलिया ने शासन-प्रशासन पर क्षेत्र के किसानों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया।
सुबह 10 बजे एडीएम धीरेन्द्र सचान, उपजिलाधिकारी मांट विश्व भूषण मिश्रा, एसपी आरए अनिल पांडेय आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने शासन तक किसानों की बात पहुंचाने और जल्द ही निर्धारित मुआवजे से बढ़कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो लोग एक्सप्रेसवे से हटे। प्रदर्शन में महेन्द्र सिंह, महेश सिंह, देशराज सिंह, अनीश पहलवान, नरेन्द्र कुमार, भोला चौधरी, बच्चू सिंह आदि शामिल हुए।
विज्ञापन