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तबाही का मंजर देख सड़कों पर उतरे किसान

ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Sun, 05 Apr 2015 12:15 AM IST
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farmers block the 6 roads in district

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अंधड़ और ओलावृष्टि से किसान बर्बाद हो चुके हैं। खेतों में तबाही का यह मंजर देख किसान शनिवार को सड़कों पर उतर आए। मुआवजा और कर्ज मांफ करने की मांग को लेकर उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे को जाबरा टोल पर जाम कर दिया। साथ ही दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर चौमुंहा और छाता में जाम लगा दिया। किसानों का गुस्सा राया-सादाबाद मार्ग और छाता-बरसाना मार्ग पर भी फूटा। यह दोनाें रास्ते भी जाम कर दिए गए। जिले के प्रमुख मार्गों को किसानों से मुक्त कराने में प्रशासनिक अफसरों को पसीने आ गए। यह दौर करीब छह घंटे तक चला।
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तीन घंटे जाम रहा यमुना एक्सप्रेसवे
दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की करीब आठ किलोमीटर लंबी लाइन लगीं
मांट। ओलावृष्टि से प्रभावित गांव कूपगढ़, पिपरौली, भोलागढ़, सरदारगढ़, धौरीकुटी, ढकुपुरा, नगला सहसू, केहरीगढ़ी, नगला हंसी, नगला अंबू, ताल, रतनदास गढ़ी आदि दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान शनिवार सुबह करीब 7:11 बजे एकत्रित होकर माइल स्टोन 104 स्थित यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए। यहां बर्बाद फसल हाथों में लेकर जाम लगा दिया। इस दौरान वे नुकसान का सही आकलन और कर्ज मांफी की मांग कर रहे थे। इससे एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की करीब सात-आठ किलोमीटर लंबी कतार लग गईं। सूचना पर एसडीएम मांट विश्वभूषण मिश्रा और एसपी ग्रामीण अजय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए। यहां उन्होंने किसानों को फसलों में नुकसान का सही आकलन कराकर जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पूरी प्रक्रिया में तीन घंटे तक यमुना एक्सप्रेसवे पर जाम लगा रहा। 10:15 बजे किसी तरह किसान जाम खोलने को सहमत हुए।


यात्रियों को हुई भारी असुविधा
जल्दी अपनी मंजिल तक पहुंचे की उम्मीद लेकर यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे लोगों को मुआवजे की मांग करने वाले किसानों के गुस्से भारी असुविधा हुई। गाजियाबाद के रितिक ने बताया की वह अपनी 11 वर्ष की बेटी को डॉक्टर से दवा दिलाने आगरा जा रहे हैं, लेकिन जाम में फं सने के बाद आज नंबर नहीं आ पाएगा अब यहीं से वापस होना पडे़गा। वहीं जाम में फंसे हाथरस के सिविल जज राघवेंद्र मणि ने जाम में एंबुलेंस फंसने पर चिंता जाहिर की।

एक घंटे जाम रहा राया-सादाबाद मार्ग
राया। सादाबाद रोड के रामपुर चौराहे पर मुआवजे की मांग के लिए किसानों ने सुबह जाम लगा दिया। क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश और एसडीएम सीवी सिंह, सपा नेता रूमाल सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझा बुझा कर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। विधायक के साथ बिचपुरी पहुंचे एसडीएम ने ओलावृष्टि से घायल हेमलता और प्रेम सिंह का हालचाल जाना। पवेसरा, बंशै, जासा, जरैलिया, खजूरी, अनौड़ा पहुंच कर किसानों की तबाह हुई फसल देखी। इस अवसर पर अनिल कुमार रावत, विजय सिंह, वीरपाल सिंह, प्रधान गुलवीर सिंह उपस्थित रहे।


किसान पंचायत ने केएनबीजी मार्ग दो घंटे जाम किया
मांगे न मानी तो तीन दिन बाद फिर प्रदर्शन
नंदगांव। 24 गांवों में मुनादी के बाद शनिवार को सैकड़ों किसान लठामार होली चौक पर एकत्रित हुए। यहां किसानों ने करीब दो घंटे तक आयोजित महापंचायत में आठ सूत्रीय मांगपत्र तैयार किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को भी पंचायत की सूचना दी। दो घंटे तक किसी के न पहुंचने पर आक्रोशित हजारों लोगों ने बरसाना अड्डा से पुलिस चौकी तक नारेबाजी करते हुए पैदलमार्च किया। फिर किसानों ने कोसी-नंदगांव-बरसाना-गोवर्धन और कोसी-कामां रोड को जाम कर दिया। इस दौरान तहसीलदार राजितराम यादव और बरसाना थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नागर ने किसानों को समझाया। आक्रोशित किसान डीएम और एसडीएम को मौके पर बुलाने के लिए अडे़ रहे। काफी समझाने के बाद करीब दो घंटे बाद किसान तीन दिन का समय देते हुए जाम खोलने पर राजी हो गए। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य कुमरचंद रावत, भीम चौधरी, मदनलाल, चरन सिंह, मोहनश्याम फोरमैन, चेयरमैन बदन सिंह पहलवान, ओमवीर, रघुनाथ नेता जी, मदन गिडोह, हरवान लौहरवारी आदि मौजूद रहे।

चौमुंहा, छाता में थाम दिया नेशनल हाईवे
तीन घंटे तक जहां के तहां फंसे रहे सैकड़ों वाहन
चौमुंहा/छाता। चौमुंहा पर शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे चौमुंहा, आझई, भरतिया, परखम गूजर, अकबरपुर, पसौली, आझई कलां, सेही, दलौता, गांगरौली, औधूता आदि दर्जनों गांवों के लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। किसान बरसात और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट 100 फीसदी शासन को भेजने, मुआवजा दिलाने, क्रॉप लोन, खाद बीज का कर्ज माफ कराने की मांग कर रहे थे। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने ट्रैक्टर-ट्राली पर चढ़ कर किसानों को छाता तहसील में 100 प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट भेजे जाने का आश्वासन दिया, तब करीब आधे घंटे बाद किसानों ने जाम खोल दिया। इस दौरान एसपी सिटी, सीओ छाता, सीओ सदर, कोतवाली प्रभारी वृंदावन, छाता, जैंत चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

छाता में भी इसी दौरान हाईवे जाम किया गया। नेतृत्व विधायक तेजपाल सिंह, कांग्रेसी नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने किया। छाता क्षेत्र के किसान सभी ऋण मांफ करने और मुआवजा की मांग के लिए तीन घंटे तक हाईवे पर जमे रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश की सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई घंटे की मशक्कत के बाद एडीएम प्रशासन धीरेंद्र प्रताप की सभी उचित मांगें 15 दिन में निस्तारित कराने के आश्वासन पर किसान माने। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, तरुण सेठ, जगपाल चौधरी, भानुप्रताप सिंह, भगवत स्वरूप पांडेय, जितेंद्र सिंह, राजेश पहलवान, नकुल पंडित, रामवीर सिंह, भोला जादौन, नरेदव चौधरी, उमेश पंडित, धर्मवीर अग्रवाल आदि मौजूद रहे। विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही।

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