{"_id":"67e84508fe1e02a3650a8d48","slug":"farmer-registry-will-end-the-hassle-of-khasra-khatauni-mathura-news-c-369-1-mt11008-127171-2025-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: फार्मर रजिस्ट्री से खत्म होगा खसरा-खतौनी का झंझट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: फार्मर रजिस्ट्री से खत्म होगा खसरा-खतौनी का झंझट
विज्ञापन
मथुरा। किसानों के किसान पहचान पत्र (फार्मर रजिस्ट्री) बनवाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी लक्ष्य पूरा करने में जुटे हैं। जिले में 3.11 लाख किसानों की फार्मर आईडी जारी होनी है। इसमें से 1.41 लाख किसान आईडी बनाकर सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हो गए हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि किसानों को खेती की जानकारी देने के लिए अब खसरा-खतौनी की जरूरत नहीं पड़ेगी। सत्यापन के लिए लेखपालों की भागदौड़ भी खत्म हो जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की खेती का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। फार्मर आईडी बन जाने से किसानों के खेत का पूरा डाटा कंप्यूटर पर दिखेगा। इसके साथ ही इन किसानों को अब कृषि संबंधी योजना का लाभ लेने के लिए किसी दस्तावेजों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से किसानों का रियल टाइम से ही सभी डाटा लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ का लक्ष्य है। इसमें से 1.28 करोड़ किसानों ने फार्मर आईडी बनवा ली है।
विज्ञापन
किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनने से किसानों को बार-बार केवाईसी कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने में भी आसानी होगी।
विज्ञापन
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि किसानों को खेती की जानकारी देने के लिए अब खसरा-खतौनी की जरूरत नहीं पड़ेगी। सत्यापन के लिए लेखपालों की भागदौड़ भी खत्म हो जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की खेती का विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। फार्मर आईडी बन जाने से किसानों के खेत का पूरा डाटा कंप्यूटर पर दिखेगा। इसके साथ ही इन किसानों को अब कृषि संबंधी योजना का लाभ लेने के लिए किसी दस्तावेजों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से किसानों का रियल टाइम से ही सभी डाटा लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ का लक्ष्य है। इसमें से 1.28 करोड़ किसानों ने फार्मर आईडी बनवा ली है।
विज्ञापन
किसानों को मिलेंगी ये सुविधाएं
उप निदेशक कृषि राजीव कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बनने से किसानों को बार-बार केवाईसी कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। इसके अलावा बैंक से कर्ज लेने में भी आसानी होगी।