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Mathura News: पानी में फ्लोराइड की अधिकता ब्रजवासियों को कर रही कमजोर
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मथुरा। पानी में फ्लोराइड की मात्रा ब्रजवासियों के दांत और हड्डियों को कमजोर कर रही है। जिला अस्पताल में रोजाना दांत एवं हड्डी की परेशानी को लेकर 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों का उपचार करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ पानी का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि उनके पास जोड़ो, मांसपेशियों में दर्द के सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। मरीजों को घुटनों और शरीर के जोड़ों में दर्द की शिकायत है। इसके पीछे कारण पीने के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा होना है। रोजाना करीब 150 मरीज इस तरह के आते हैं।
इसी तरह अस्पताल के दंत चिकित्सक (परामर्श) डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि फ्लोराइड की अधिक मात्रा बड़ों के साथ बच्चों के दांतों पर सबसे ज्यादा असर डाल रही है। इसके कारण दांतों का रंग पीला हो रहा है और दांतों पर धब्बे पड़ रहे हैं। पानी में एक पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक फ्लोराइड फायदेमंद है, जबकि इससे अधिक नुकसानदायक होता है।
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अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि फ्लोराइड की मात्रा पानी में अधिक होने से गुर्दे और लीवर भी प्रभावित होते हैं। वहीं आर्सेनिक अगर पानी में है तो नर्वस सिस्टम और नसें खराब होती हैं, जिससे हाथ-पैर का लकवा तक हो सकता है।
बचाव के उपाय
आरओ का पानी पीना चाहिए।
पानी उबालकर ही पीएं।
जल निगम की सप्लाई भी सुरक्षित।
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जिला अस्पताल के सीएमएस और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि उनके पास जोड़ो, मांसपेशियों में दर्द के सबसे अधिक मरीज आ रहे हैं। मरीजों को घुटनों और शरीर के जोड़ों में दर्द की शिकायत है। इसके पीछे कारण पीने के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा होना है। रोजाना करीब 150 मरीज इस तरह के आते हैं।
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इसी तरह अस्पताल के दंत चिकित्सक (परामर्श) डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि फ्लोराइड की अधिक मात्रा बड़ों के साथ बच्चों के दांतों पर सबसे ज्यादा असर डाल रही है। इसके कारण दांतों का रंग पीला हो रहा है और दांतों पर धब्बे पड़ रहे हैं। पानी में एक पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक फ्लोराइड फायदेमंद है, जबकि इससे अधिक नुकसानदायक होता है।
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अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि फ्लोराइड की मात्रा पानी में अधिक होने से गुर्दे और लीवर भी प्रभावित होते हैं। वहीं आर्सेनिक अगर पानी में है तो नर्वस सिस्टम और नसें खराब होती हैं, जिससे हाथ-पैर का लकवा तक हो सकता है।
बचाव के उपाय
आरओ का पानी पीना चाहिए।
पानी उबालकर ही पीएं।
जल निगम की सप्लाई भी सुरक्षित।