फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Even the MP could not get rid of the problem of monkeys, promises remained unfulfilled

Mathura News: सांसद भी नहीं दिला पाईं बंदरों की समस्या से निजात, वादे रह गए अधूरे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 12:46 AM IST
विज्ञापन
Even the MP could not get rid of the problem of monkeys, promises remained unfulfilled
मथुरा। डैंपियर नगर के समीप लगा बंदरों का झुंड। - फोटो : mathura
मथुरा। शहर में उत्पात मचा रहे बंदरों से निजात दिलाने के लिए मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मथुरा में मंकी सफारी बनवाने का वायदा किया था। उन्होंने वृंदावन के धर्माचार्यों को इस बाबत एक शपथ पत्र भी सौंपा था लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी ये कसमें वायदे पूरे नहीं हो सके। यह समस्या जस की तस है। हालांकि सांसद ने यह मामला लोकसभा में उठाया पर अभी तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है।
विज्ञापन



मथुरा में बंदरों से लोग बुरी तरह से परेशान हैं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बंदरों का मुद्दा वृंदावन के संत एवं धर्माचार्यों ने जोरशोर से उठाया था। आचार्य मृदुलकांत शास्त्री की अगुवाई में आंदोलन कर लोगों ने हेमामालिनी को ज्ञापन सौंपा। चुनाव बहिष्कार का एलान तक कर डाला था। आचार्य मृदुलकांत ने बताया कि हेमामालिनी ने उन्हें शपथ पत्र देते हुए बंदरों की समस्या से मुक्ति दिलाने का वादा किया था, लेकिन यह वायदा अब तक भी पूरा नहीं हुआ।
विज्ञापन



ठंडे बस्ते में गया सौ करोड़ का प्रस्ताव
मंकी सफारी बनाने के लिए यहां पहल तो हुई पर अभी तक बात नहीं बनी। वर्ष 2021 में मथुरा में देश का पहला मंकी सफारी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। 100 करोड़ के इस प्रस्ताव में दस साल के लिए सफारी में बंदरों की देखरेख, भोजन आदि की व्यवस्था शामिल की गई थी। फरह के समीप नगला अकोस में जमीन भी चिह्नित कर ली गई, लेकिन शासन ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस प्रस्ताव की स्वीकृत कराने में जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी प्रयास नहीं किए नहीं शासन स्तर पर इस मुद्दे को रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


महंत फूलडोल बिहारी दास एवं आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने कहा कि बंदरों के उत्पात की समस्या पहले शहर तक सीमित थी, लेकिन अब पूरे जिले की समस्या बन गई है। बंदर न सिर्फ स्थानीय लोगों और यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को नुकसान पहुंच रहे हैं बल्कि किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाने लगे हैं। यदि बंदरों की बढ़ती संख्या में नियंत्रण नहीं किया और मंकी सफारी नहीं बनाई तो यह समस्या और विकराल हो जाएगी।




निदान का पूरा प्रयास कर रहे हैं : हेमा
शुक्रवार को वृंदावन आईं सांसद हेमामालिनी ने बंदरों की समस्या पर बात की। उन्होंने कहा कि मथुरा के लोगों को बंदरों से निजात दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार स्तर पर भी बात रखी गई है। कुछ तकनीकी पेच फंसे हैं लेकिन जल्द ही इस समस्या को दूर करने के लिए गंभीरता से काम शुरू होगा। सरकार खुद भी इसके प्रति गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed